Bastar News Update : जगदलपुर. बस्तर में सदियों पुरानी आस्था और परंपरा का सबसे बड़ा उत्सव बाहुड़ा गोंचा शुक्रवार को विधि-विधान के साथ सम्पन्न हो गया. नौ दिनों तक जनकपुरी स्थित मौसी मंदिर में प्रवास के बाद भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा रथ पर सवार होकर श्रीधाम लौटे. गुंडिचा मंडप से निकली भव्य रथयात्रा दंतेश्वरी मंदिर, गुरुनानक चौक और जयस्तंभ चौक होते हुए जगन्नाथ मंदिर पहुंची. पूरे मार्ग में “जय जगन्नाथ” के जयघोष से शहर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा.

रथ संचालन के दौरान श्रद्धालुओं ने पारंपरिक तुपकी चलाकर भगवान को सलामी दी. श्रीधाम पहुंचने पर कपाट फेड़ा की प्राचीन रस्म निभाई गई, जिसमें माता लक्ष्मी की नाराजगी दूर करने की परंपरा पूरी की गई. मान-मनौव्वल के बाद भगवान को मंदिर में प्रवेश मिला और प्रतिमाओं की पुनः प्रतिष्ठा की गई. अंतिम दिन भगवान को खिचड़ी का विशेष भोग अर्पित किया गया. श्रद्धालुओं ने गजामूंग और फनस खोवा का प्रसाद भी अर्पित किया. उत्कल समाज ने पंचपथ चौक स्थित भैरव मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बीच खाजा प्रसाद का वितरण किया. इस सेवा कार्य में सुकमा जमींदार परिवार के कुमार जयदेव भी शामिल हुए. भगवान जगन्नाथ के श्रीधाम लौटने के साथ ही बस्तर का ऐतिहासिक गोंचा महापर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ सम्पन्न हो गया. 

आदिवासियों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन, कांग्रेस ने दिया समर्थन

सुकमा. सुकमा जिला मुख्यालय में नक्सल मामलों में जेलों में बंद आदिवासियों की रिहाई की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन हुआ.
समस्त आदिवासी समाज के बैनर तले ग्रामीण और पीड़ित परिवार बड़ी संख्या में एकत्र हुए. आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन मिला और विधायक विक्रम मंडावी सहित कई नेता शामिल हुए. रैली कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ी, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बाहर ही रोक दिया. प्रशासन द्वारा केवल दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को अनुमति देने पर विवाद की स्थिति बन गई. नाराज प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. बाद में मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया. विधायक विक्रम मंडावी ने निर्दोष आदिवासियों के मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग उठाई. उन्होंने कहा कि वर्षों से जेल में बंद लोगों को न्याय मिलना चाहिए. जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश लखमा ने भी कई परिवारों की आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का मुद्दा उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि कई परिवार मुकदमों की पैरवी में अपनी संपत्ति तक बेचने को मजबूर हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन पूरे बस्तर संभाग में और व्यापक रूप से चलाया जाएगा.  

शिक्षक की कमी पर पालकों ने स्कूल में जड़ा ताला

कोंडागांव. जिले के पीएमश्री प्राथमिक शाला डिपोपारा जामपदर में शिक्षक की कमी को लेकर पालकों का गुस्सा फूट पड़ा.
शुक्रवार सुबह पालकों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया. उनका आरोप है कि पिछले तीन वर्षों से स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. बताया गया कि दो स्वीकृत पदों वाले स्कूल में लंबे समय से एक ही शिक्षक के भरोसे पांच कक्षाओं का संचालन हो रहा है. एक शिक्षक पर पढ़ाई के साथ विभागीय जिम्मेदारियों का भी अतिरिक्त भार है. सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग, तहसील प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने पालकों से चर्चा कर सोमवार तक अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था का आश्वासन दिया. इसके बाद पालकों ने स्कूल का ताला खोलकर बच्चों को प्रवेश दिलाया. वहीं प्रभारी प्रधान अध्यापिका ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों और विभागीय दायित्वों के चलते ऐसी स्थिति बनी है. शिक्षा विभाग ने प्रधान अध्यापिका को विकासखंड शिक्षा कार्यालय से संबद्ध करने और शिक्षक उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अब पूरे मामले में सोमवार को होने वाली विभागीय कार्रवाई पर पालकों की नजर टिकी हुई है.

डायल-112 की तत्परता से महिला की बची जान  

नारायणपुर. नारायणपुर में डायल-112 की त्वरित कार्रवाई ने एक महिला की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई. 22 जुलाई की सुबह सूचना मिली कि एक महिला ने जहर का सेवन कर लिया है और उसकी हालत गंभीर है. कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई. दुर्गम और कच्चे रास्तों के बावजूद जवान बिना समय गंवाए मौके तक पहुंचे. महिला को सुरक्षित वाहन में बैठाकर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया. अस्पताल में चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया. समय पर इलाज मिलने से महिला की जान बचाई जा सकी. इस पूरी कार्रवाई में आरक्षक ज्ञानदास खांडे, डीएसएफ आरक्षक अर्जुन सलाम और चालक नीलेश कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही. पुलिस ने इसे टीमवर्क और त्वरित प्रतिक्रिया का उदाहरण बताया. आपात स्थिति में हर मिनट की अहमियत इस घटना से फिर साबित हुई. नारायणपुर पुलिस ने लोगों से जरूरत पड़ने पर तुरंत डायल-112 का उपयोग करने की अपील की है. समय पर सूचना और त्वरित सहायता ने एक परिवार को बड़ी राहत दे दी.

निलंबन के बाद भी राशन दुकान संचालन पर उठे सवाल

जगदलपुर. बकावंड विकासखंड के छोटे जीराखाल गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है. आरोप है कि निलंबन आदेश के बावजूद सरकारी उचित मूल्य दुकान का संचालन जारी रखा गया. बताया गया कि जुलाई 2026 में 130 राशन कार्डधारियों के नाम पर खाद्यान्न और गुड़ का फर्जी उठाव दर्ज किया गया. हितग्राहियों का आरोप है कि उन्हें निर्धारित राशन का वितरण ही नहीं किया गया. एसडीएम ने पहले ही दुकान को निलंबित कर दूसरे स्व-सहायता समूह को जिम्मेदारी सौंपने का आदेश जारी किया था. लेकिन दो महीने बाद भी नया समूह वितरण शुरू नहीं कर सका. कारण बताया जा रहा है कि पुराने संचालक ने दुकान की चाबी और स्टॉक का प्रभार नहीं सौंपा. ग्रामीणों ने राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग उठाई है. मामले में विक्रेता और पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. हितग्राहियों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. प्रशासन पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की बात कह रहा है. अब ग्रामीणों की निगाह जांच रिपोर्ट और जिम्मेदारों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है.

सोशल मीडिया के फर्जी विज्ञापनों से सावधान रहने की अपील

जगदलपुर. सस्ते सामान और आसान कमाई का लालच अब साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार बनता जा रहा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी विज्ञापनों के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है. इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े, स्टॉक मार्केट, ट्रेडिंग और फ्री टिप्स के नाम पर झूठे ऑफर वायरल किए जा रहे हैं. कम ब्याज पर लोन दिलाने के दावे भी लोगों को जाल में फंसाने का जरिया बन रहे हैं. साइबर पुलिस ने ऐसे किसी भी विज्ञापन पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करने की सलाह दी है. स्कैमर्स पहले आकर्षक ऑफर दिखाते हैं और फिर लोगों से बैंकिंग व व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर लेते हैं. कई मामलों में लोगों से भारी रकम भी वसूली जा रही है. सरकार ने भी लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने की अपील की है. फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है. यदि किसी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होती है तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है. साइबर पुलिस का कहना है कि जागरूकता ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है. सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी फर्जी विज्ञापन के झांसे में आने से बचें.

अबूझमाड़ में ट्रैक्टर बना ग्रामीणों तक राशन पहुंचाने का भरोसा

नारायणपुर. अबूझमाड़ के दुर्गम गांवों में वर्षों से राशन पहुंचाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहा है. ग्रामीणों को खाद्यान्न लेने 40 से 50 किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ता था. बरसात में कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट जाता था और राशन वितरण प्रभावित होता था. अब जिला प्रशासन ने ट्रैक्टर आधारित विकेंद्रीकृत वितरण व्यवस्था लागू कर तस्वीर बदल दी है. मुख्य गोदामों से सीधे गांवों तक ट्रैक्टरों के माध्यम से राशन पहुंचाया जा रहा है. मानसून से पहले कई महीनों का अग्रिम खाद्यान्न भी गांवों में भंडारित कराया गया.

ग्राम पंचायत स्तर पर नए पीडीएस भवन और नोडल अधिकारियों की व्यवस्था भी की गई है. इस पहल से दूरस्थ गांवों में समय पर राशन उपलब्ध होना शुरू हो गया है. ग्रामीणों को कई दिनों की कठिन यात्रा से राहत मिली है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अब राशन समय पर मिलना उनकी सबसे बड़ी राहत है. प्रशासन इसे सुशासन और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच का उदाहरण मान रहा है. अबूझमाड़ के दूरस्थ इलाकों में यह व्यवस्था ग्रामीणों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है.

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