Bastar News Update : जगदलपुर. गृहमंत्री के दौरे को लेकर बस्तर पूरी तरह सुरक्षा कवच में तब्दील हो गया है. जगदलपुर एयरपोर्ट से लेकर एनएच-30 तक कड़ी निगरानी रखी जा रही है. 2000 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं. सीआरपीएफ, एसपीजी और स्थानीय पुलिस मिलकर सुरक्षा संभाल रही है. ड्रोन के जरिए नक्सल मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है. पूरे संभाग में हाई अलर्ट जारी किया गया है. हर कार्यक्रम स्थल को मल्टी-लेयर.सुरक्षा घेरे में रखा गया है. आम नागरिकों की गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई चूक नहीं छोड़ी जा रही. यह दौरा सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी बड़ी परीक्षा है. बस्तर फिलहाल छावनी में तब्दील नजर आ रहा है. हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा रही है.

सेवा डेरा से विकास की नई पटकथा…

जगदलपुर. बस्तर में सुरक्षा कैंप अब केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विकास के केंद्र बनते दिखेंगे. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के तहत नेतानार में पहला सेवा डेरा शुरू होने जा रहा है. जगदलपुर से करीब 25 किमी दूर सीआरपीएफ कैंप में इसकी शुरुआत होगी. 18 मई को गृहमंत्री के हाथों इसका औपचारिक शुभारंभ तय है. दो दिवसीय बस्तर दौरे के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस पहल का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास और विकास को साथ लाना है. सेवा डेरा ग्रामीणों के लिए सुविधा, रोजगार और प्रशासन का नया केंद्र बनेगा. इससे सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच दूरी कम करने की कोशिश होगी. बस्तर में नक्सलवाद के बाद अब विकास की नई कहानी लिखने की तैयारी है. कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं. स्थानीय स्तर पर भी इसे लेकर उत्साह का माहौल है. यह पहल बस्तर के सामाजिक-आर्थिक ढांचे में बदलाव का संकेत मानी जा रही है.

सेवा डेरा बना ‘रोजगार का दरवाजा’

जगदलपुर. नेतानार का सेवा डेरा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का नया मॉडल बन रहा है. वन मंत्री, विधायक और सांसद ने कैंप का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. यहां आधार सेवा केंद्र, बैंक सखी, सिलाई प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं. इमली और राइस प्रोसेसिंग यूनिट से स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की कोशिश है. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर खास फोकस किया गया है. जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को व्यवस्थाएं मजबूत रखने के निर्देश दिए. इस पहल से गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. ग्रामीणों को अब छोटे-छोटे काम के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा. सेवा डेरा एक मिनी सुविधा केंद्र की तरह काम करेगा. स्थानीय संसाधनों को स्थानीय स्तर पर ही उपयोग करने की योजना है. इससे पलायन पर भी रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है. बस्तर में विकास अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है.

हाई-प्रोफाइल बैठक, बस्तर बनेगा रणनीति का केंद्र

जगदलपुर. गृहमंत्री के दौरे के दौरान बस्तर राष्ट्रीय स्तर की सुरक्षा रणनीति का केंद्र बनने जा रहा है. चार राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल होंगे. आंतरिक सुरक्षा और राज्यों के समन्वय पर चर्चा होगी. नक्सलवाद के बाद बस्तर के विकास रोडमैप पर मंथन किया जाएगा. सीमावर्ती चुनौतियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस रहेगा. बैठक को भविष्य की नीति निर्धारण के लिहाज से अहम माना जा रहा है. बस्तर अब समस्या नहीं, समाधान के मॉडल के रूप में उभर रहा है. यह बैठक कई बड़े फैसलों की आधारशिला बन सकती है. क्षेत्रीय विकास और सुरक्षा का संतुलन मुख्य एजेंडा रहेगा. देशभर की नजरें इस बैठक पर टिकी हैं. स्थानीय स्तर पर इसे ऐतिहासिक अवसर के रूप में देखा जा रहा है. बस्तर की पहचान अब बदलने की दिशा में कदम बढ़ चुके हैं.

‘अमृत स्टेशन’ में अटक गया विकास   

जगदलपुर.  जगदलपुर रेलवे स्टेशन का विकास अब ठेकेदारों की सुस्ती में फंसता दिख रहा है. अमृत स्टेशन योजना के तहत करोड़ों के काम जारी हैं. 25 मई तक काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है. लेकिन लिफ्ट का काम अब तक शुरू भी नहीं हो पाया है. चार में से एक भी लिफ्ट तैयार नहीं हो सकी. डीआरएम ने हाल ही में निरीक्षण कर ठेकेदारों को फटकार लगाई थी. स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना अधूरी है. प्लेटफॉर्म, फुटब्रिज और पार्किंग पर काम जारी है. उद्घाटन में देरी की आशंका अब बढ़ने लगी है. एक ही ठेकेदार अन्य स्टेशनों में भी काम अधूरा छोड़ चुका है. योजना की गति अब सवालों के घेरे में है. स्थानीय लोगों को सुविधाओं के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है.  

रेत माफियाओं पर प्रशासन का वार

जगदलपुर. बस्तर में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है. जांच टीम ने बेलगांव और बजावंड में बड़ी कार्रवाई की. चार वाहन अवैध रेत परिवहन करते पकड़े गए. इनमें ट्रैक्टर और हाईवा शामिल हैं. कोई वैध दस्तावेज या रॉयल्टी पर्ची नहीं मिली. वाहनों को जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में सौंपा गया. खनिज अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की तैयारी है. प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है बिना पास परिवहन नहीं चलेगा. रेत माफियाओं में इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है. आगे भी ऐसे अभियान जारी रहने की बात कही गई है. जिले में अवैध उत्खनन पर लगाम कसने की कोशिश है. प्रशासन अब सख्ती के मूड में नजर आ रहा है.

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Bastar News Update : आसमानी बिजली बनी किसानों पर आफत

बीजापुर. भैरमगढ़ के पोंदुम गांव में कुदरत ने कहर बरपाया है. शाम की बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से 10 मवेशियों की मौत हो गई. ये मवेशी किसानों की आजीविका का मुख्य सहारा थे. अचानक बदले मौसम ने संभलने का मौका तक नहीं दिया. घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है. मौसम विभाग ने पहले ही वज्रपात की चेतावनी दी थी. लेकिन नुकसान को टालना मुश्किल साबित हुआ. किसानों पर आर्थिक संकट गहरा गया है. अब सर्वे और राहत की उम्मीद प्रशासन से है. ऐसी घटनाएं ग्रामीण जीवन की असुरक्षा को उजागर करती हैं. प्राकृतिक आपदा ने एक झटके में सब कुछ बदल दिया.

Bastar News Update : चिलकुटी में बिजली गिरने से 12 गौमाताओं की मौत

बस्तर. कुरंदी क्षेत्र के चिलकुटी गांव में मौसम का कहर देखने को मिला. तेज आंधी और बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरी. करीब 12 गौमाताओं की मौके पर ही मौत हो गई. घटना से पूरे गांव में दहशत और शोक का माहौल है. मवेशी खुले मैदान में थे, तभी यह हादसा हुआ.ग्रामीणों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी. पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. यह घटना ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डालती है. मौसम की अनिश्चितता अब खतरा बनती जा रही है. प्रभावित परिवारों को राहत की उम्मीद है. स्थानीय प्रशासन ने स्थिति का जायजा लेना शुरू किया. गांव में अब भी डर और चिंता का माहौल बना हुआ है.

Bastar News Update : ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ बाजार बंद

दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा में मेडिकल व्यवसायी अब ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ लामबंद हो गए हैं. 20 मई को जिलेभर में मेडिकल दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया गया है. यह बंद राष्ट्रीय आह्वान के समर्थन में किया जा रहा है. व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन बिक्री से मरीजों की सुरक्षा खतरे में है. बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाएं मिलने पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. नकली और एक्सपायरी दवाओं के खतरे को भी उजागर किया गया. स्थानीय मेडिकल कारोबार पर भी इसका असर पड़ रहा है. छोटे दुकानदार आर्थिक संकट झेल रहे हैं. फार्मासिस्ट की भूमिका ऑनलाइन सिस्टम में गायब बताई गई. सरकार से सख्त नियम बनाने की मांग की गई है. हालांकि इमरजेंसी सेवाओं के लिए व्यवस्था जारी रहेगी. यह आंदोलन स्वास्थ्य और व्यापार दोनों मुद्दों को उठाता है.

Bastar News Update : ‘अधिक मास’ ने बढ़ाया आस्था का समय

जगदलपुर. इस बार ज्येष्ठ माह सामान्य से दोगुना समय लेकर आया है. अधिक मास के कारण यह अवधि करीब 60 दिनों की हो गई है. धार्मिक मान्यताओं में इसे पुरुषोत्तम मास कहा जाता है. इस दौरान विवाह और मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है. लेकिन जप-तप, दान और साधना का महत्व कई गुना बढ़ जाता है. यह वैज्ञानिक रूप से सूर्य और चंद्रमा के संतुलन से जुड़ा है. हर 2-3 साल में यह अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है. श्रद्धालुओं के लिए यह आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष समय है. तीर्थ, कथा और अनुष्ठान के लिए इसे शुभ माना गया है. ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह काल विशेष फलदायी है. धार्मिक गतिविधियों में अब तेजी देखने को मिलेगी. आस्था और विज्ञान का यह संगम लोगों को आकर्षित कर रहा है.

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