Bastar News Update : सुकमा. सुकमा जिले के पोलमपल्ली थाना क्षेत्र में धार्मिक अनुष्ठान को लेकर विवाद ने तनाव पैदा कर दिया. पूजा-पाठ के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए. कुछ परिवारों के घरों में तोड़फोड़ किए जाने के आरोप भी लगे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया. दोनों पक्षों से चर्चा कर हालात शांत कराने का प्रयास किया गया. ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी इस विषय पर आपसी सहमति बनी थी. सोमवार को धान बुआई के दौरान विवाद फिर उभर आया. घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना रहा. पुलिस हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की है. शांति और सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया गया है. फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है.
घर में लगी आग, सबकुछ जलकर राख…
सुकमा. सुकमा जिले के जिरमपाल पंचायत के डब्बारास गांव में सोमवार शाम अग्नीकांड ने एक परिवार की पूरी जिंदगी राख कर दी. शाम करीब छह बजे अज्ञात कारणों से एक मकान में आग भड़क उठी. देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया. ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें बेकाबू रहीं. घर में रखा नकद, जरूरी दस्तावेज, कपड़े और घरेलू सामान पूरी तरह जल गया. पीड़ित परिवार के पास रोजमर्रा के उपयोग का सामान भी नहीं बचा. घटना के बाद परिवार के सामने रहने और जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और आर्थिक सहायता की मांग की है. खाद्यान्न, तिरपाल, कपड़े और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की अपील की गई है. फिलहाल आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं. प्रशासन से नुकसान का आकलन कर शीघ्र सहायता देने की उम्मीद जताई जा रही है. एक ही हादसे ने पूरे परिवार को बेघर और बेसहारा कर दिया.
जंगल में दबी नकदी तक पहुंची पुलिस, नक्सल फंडिंग पर बड़ा प्रहार
नारायणपुर. नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सली नेटवर्क की आर्थिक कमर पर बड़ा वार किया है. खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए अभियान में जंगल से 14 लाख 89 हजार रुपये बरामद किए गए. बीडीएस टीम की मौजूदगी में जमीन के भीतर दबा स्टील का डिब्बा निकाला गया. डिब्बे में बड़ी मात्रा में नकदी और नक्सली साहित्य मिला है. पुलिस का दावा है कि यह रकम कथित अवैध वसूली से जुटाई गई थी. इस मामले में यूएपीए की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी उग्रवादी संगठन की ताकत उसकी आर्थिक व्यवस्था होती है. लगातार अभियान से नक्सलियों की फंडिंग और रसद नेटवर्क प्रभावित हो रहे हैं. इधर सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क और विकास कार्य भी अंदरूनी क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं. सुरक्षा और विकास की संयुक्त रणनीति असर दिखाती नजर आ रही है. हालांकि अंदरूनी इलाकों में चुनौती अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सली आर्थिक तंत्र पर बड़ी सफलता मान रही हैं.
पर्यटन बढ़ा, लेकिन तीरथगढ़ की सुरक्षा अब भी भरोसे के सहारे
जगदलपुर. मानसून में बस्तर के जलप्रपातों पर पर्यटकों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. चित्रकोट में सुरक्षा के लिए पुलिस जवानों की तैनाती कर दी गई है. वहीं तीरथगढ़ जलप्रपात पर अब भी सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर बताई जा रही है. पर्यटक खतरनाक स्थानों तक पहुंचकर फोटो और वीडियो बनाने से नहीं चूकते. बरसात में अचानक जलस्तर बढ़ने से हादसों का खतरा और बढ़ जाता है. गहरे पानी और फिसलन वाले इलाकों में लोग जान जोखिम में डाल रहे हैं. हाल के वर्षों में कई दुर्घटनाएं और मौतें सामने आ चुकी हैं. इसके बावजूद तीरथगढ़ सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा नहीं दिख रही. चित्रकोट में फेंसिंग और निगरानी से जोखिम कम हुआ है. लेकिन तीरथगढ़ में रोक-टोक के अभाव में लापरवाही जारी है. पर्यटन सीजन के बीच सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग तेज हो रही है. अब सवाल यह है कि अगला हादसा होने का इंतजार क्यों किया जाए.
पुरी तक सीधी रेल यात्रा की उम्मीद, किरंदुल विस्तार की मांग तेज
जगदलपुर. बस्तरवासियों की वर्षों पुरानी रेल मांग एक बार फिर चर्चा में है. कोरापुट-पुरी स्पेशल ट्रेन को किरंदुल तक बढ़ाने की पहल तेज हुई है. जिला प्रशासन ने रेल मंडल को इस संबंध में पत्र भेजा है. स्थानीय संगठनों ने भी पहले ज्ञापन देकर मांग उठाई थी. वर्तमान में यात्रियों को पुरी पहुंचने के लिए बीच रास्ते ट्रेन बदलनी पड़ती है. इससे समय और असुविधा दोनों बढ़ जाते हैं. यदि ट्रेन किरंदुल तक चले तो पूरे बस्तर संभाग को सीधा लाभ मिलेगा. धार्मिक और पर्यटन यात्रा भी आसान हो जाएगी. 5 जुलाई से स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है. अब लोगों की नजर रेल प्रशासन के फैसले पर टिकी है. बस्तर के लिए यह सुविधा लंबे समय से प्रतीक्षित मानी जा रही है. लोगों को उम्मीद है कि उनकी मांग जल्द पूरी होगी.
छात्रावासों की हकीकत सामने, लापरवाही पर छह अधीक्षिकाओं को नोटिस
दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा जिले में आश्रम-छात्रावासों का निरीक्षण कई सवाल छोड़ गया. कलेक्टर के निर्देश पर अधिकारियों ने संस्थानों का औचक निरीक्षण किया. कई जगह गंदगी, जर्जर भवन और टपकती छतें मिलीं. छात्राओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं कराया गया था. कुछ छात्रावासों में अधीक्षिकाएं निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिलीं. शौचालयों की खराब स्थिति और साफ-सफाई की कमी भी सामने आई. खुले में स्नान जैसी गंभीर व्यवस्थागत खामियां भी उजागर हुईं. लापरवाही मिलने पर छह अधीक्षिकाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. तीन दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के आदेश दिए हैं. छात्राओं की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई. निरीक्षण के बाद शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए.
बारिश में सक्रिय झोलाछाप, गांव-गांव इलाज के नाम पर खुला खेल
जगदलपुर. दंतेवाड़ा मानसून शुरू होते ही बस्तर के ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप डॉक्टर फिर सक्रिय हो गए हैं. बुखार, सर्दी, वायरल और उल्टी-दस्त के मरीज इनके निशाने पर हैं. घर-घर पहुंचकर इलाज के नाम पर मनमानी फीस वसूली जा रही है. सस्ती आरएल ड्रिप और कुछ गोलियां देकर सैकड़ों रुपये लिए जा रहे हैं. हालत बिगड़ने पर मरीजों को अस्पताल भेज दिया जाता है. कई जगह बिना पंजीयन एलोपैथी उपचार किया जा रहा है. दवाओं का अवैध भंडारण और बिक्री भी जारी बताई जा रही है. ग्रामीण मजबूरी में ऐसे लोगों पर भरोसा करने को विवश हैं. स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद कई क्षेत्रों में सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा. स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं. विशेषज्ञ लगातार बिना लाइसेंस इलाज से बचने की सलाह दे रहे हैं. मानसून के बीच यह लापरवाही ग्रामीणों की सेहत पर भारी पड़ सकती है.
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