नारायणपुर। भरंडा के बाद अब ओरछा क्षेत्र के खड़कागांव में धर्मांतरण को लेकर सामाजिक विवाद सामने आया है। आदिवासी समाज और धर्मांतरित परिवारों के बीच मतभेद खुलकर टकराव में बदल गया। आरोप है कि दो परिवारों का सामान घर से बाहर निकालकर गांव छोड़ने का दबाव बनाया गया। स्थिति बिगड़ते ही गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी गई। प्रशासन दोनों पक्षों से अलग-अलग और संयुक्त रूप से चर्चा कर समाधान तलाश रहा है।
ग्रामीण पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और धार्मिक भागीदारी को अनिवार्य बता रहे हैं। वहीं प्रभावित परिवार धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला देते हुए अनुष्ठानों से दूरी की बात कह रहे हैं। भरंडा के बाद यह दूसरा मामला प्रशासन की चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है। वनांचल के अन्य गांवों में भी ऐसे विवाद उभरने की आशंका जताई जा रही है। अब सवाल केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, सामाजिक समरसता का भी बन गया है। प्रशासन के सामने स्थायी समाधान और संवाद कायम रखने की बड़ी चुनौती है। फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

पांच साल से नाग-नागिन के नाम एक पूरा मकान, परिवार ने छोड़ा अपना घर
जगदलपुर। जगदलपुर से करीब 14 किलोमीटर दूर रामपाल गांव की एक अनोखी कहानी चर्चा में है। यहां एक खेत वाले मकान में पिछले पांच वर्षों से नाग-नागिन का जोड़ा रह रहा है। मकान मालिक कैलाश ठाकुर अपने ही घर में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। परिवार का कहना है कि नाग उनके कुलदेवता हैं, इसलिए उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
बताया जाता है कि मकान निर्माण के समय भी यही जोड़ा वहां मिला था। तीन बार जंगल में छोड़ने के बाद भी सांप उसी स्थान पर लौट आए। पिछले पांच वर्षों से मकान का दरवाजा तक नहीं खोला गया है। ग्रामीण भी घर के भीतर झांकने से कतराते हैं। कई बार इसी जोड़े को पास स्थित शिव मंदिर परिसर में भी देखा गया है। परिवार नियमित नाग पूजा करता है और इसे आस्था से जोड़कर देखता है। यह घटना इलाके में कौतूहल और धार्मिक विश्वास दोनों का विषय बनी हुई है। रामपाल गांव का यह मकान अब स्थानीय लोगों के बीच विशेष चर्चा का केंद्र है।
मानसून की रफ्तार बढ़ने के संकेत, अगले 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट
जगदलपुर। बस्तर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने लगा है। सुबह से शुरू हुई बारिश के बाद शाम को फिर कई इलाकों में अच्छी वर्षा दर्ज हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हालांकि अभी तक कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं हो सकी है। इसी वजह से लगातार तेज बारिश का दौर शुरू नहीं हो पाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सिस्टम बनने पर भारी वर्षा की संभावना बढ़ जाएगी। हल्की और मध्यम बारिश से किसानों को फिलहाल राहत मिल रही है। धान की रोपाई में जुटे किसानों के लिए यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है। जुलाई के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कृषि गतिविधियां भी अब मानसून की रफ्तार पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नामांतरण के बदले रिश्वत, तहसील कार्यालय में एसीबी की बड़ी कार्रवाई
कोंडागांव। फरसगांव तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एसीबी ने तहसीलदार के रीडर मुकेश रंगारी को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
आरोप है कि नामांतरण के बदले 70 हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता पहले ही दो किश्तों में 35 हजार रुपये दे चुका था। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तीसरी किश्त के रूप में 10 हजार रुपये लेते आरोपी को पकड़ लिया गया। कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया।
एसीबी आरोपी से पूछताछ कर पूरे मामले की जांच कर रही है। अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जा रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ इसे क्षेत्र की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल तेज हो गए हैं। मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
सीमावर्ती गांवों में अब छत्तीसगढ़ से पहुंचेगी बिजली
बीजापुर-सुकमा। सीमावर्ती गांवों में बिजली व्यवस्था अब नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। घने जंगल और सुरक्षा चुनौतियों के कारण वर्षों से तेलंगाना से बिजली ली जा रही थी। अब छत्तीसगढ़ की ओर से बिजली पहुंचाने का काम तेज कर दिया गया है। पामेड़ समेत कई गांव अभी तेलंगाना के ग्रिड से जुड़े हुए हैं।
विद्युत विभाग ने लाइन विस्तार का कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द सभी गांव राज्य के अपने नेटवर्क से जुड़ेंगे। इलाके में लाइनमैन और हेल्पर की स्थायी तैनाती भी की गई है। फाल्ट आने पर तत्काल सुधार की व्यवस्था बनाई गई है।
नक्सल प्रभाव कम होने से विकास कार्यों को गति मिलने लगी है। राज्य में पर्याप्त बिजली उत्पादन होने के बावजूद खरीद की मजबूरी रही है। नई लाइन बनने के बाद यह निर्भरता समाप्त होने की उम्मीद है। बिजली पहुंचने से सीमावर्ती गांवों के विकास को नई रफ्तार मिलने की संभावना है।
ओवरटेक पड़ा भारी, बस-ट्रैक्टर भिड़ंत में चार घायल
जगदलपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सुकुरपाल पुलिया के पास बड़ा सड़क हादसा हुआ। यात्री बस और ट्रैक्टर की आमने-सामने टक्कर में चार युवक घायल हो गए। हादसे में ट्रैक्टर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।
प्रारंभिक जांच में ओवरटेकिंग के दौरान लापरवाही की आशंका जताई गई है। हादसे के समय बस रायपुर की ओर जा रही थी। घटना के बाद कुछ समय तक मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस ने दोनों वाहनों को हटाकर यातायात सामान्य कराया। घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।
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