Bastar News Update : जगदलपुर. बस्तर की तस्वीर अब बंदूक नहीं, बल्कि मोबाइल स्क्रीन से दुनिया तक पहुंचेगी. जगदलपुर के शौर्य भवन में सोशल मीडिया क्रिएटर्स मीट ने नई शुरुआत दी. देशभर के यूट्यूबर्स और इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया. आईजी सुंदरराज पी. और कलेक्टर आकाश छिकारा ने सीधा संवाद किया. नक्सल दौर से निकलकर विकास पथ पर बढ़ते बस्तर की कहानी बताई गई. अंदरूनी इलाकों में सड़क, स्कूल, अस्पताल पहुंचने की जानकारी साझा हुई. क्रिएटर्स से सुरक्षित पर्यटन और सकारात्मक छवि दिखाने की अपील की गई. बस्तर दशहरा, आदिवासी संस्कृति और हस्तशिल्प पर खास चर्चा हुई. कलेक्टर ने इसे ग्लोबल ब्रांड बनाने की संभावनाएं बताईं. युवाओं से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बदलाव की ताकत बनने को कहा गया. अधिकारियों ने कहा अब बस्तर अवसरों की धरती बन चुका है. कार्यक्रम ने बस्तर की नई ब्रांडिंग का रास्ता खोल दिया.

सड़कों पर मवेशी, गलियों में कुत्ते… शहर बेहाल

जगदलपुर. शहर की सड़कों पर आवारा मवेशी और गलियों में कुत्तों का आतंक बढ़ गया है. इनाफ योजना के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था पूरी तरह फेल नजर आ रही है. पांच साल पहले मवेशियों की टैगिंग के लिए यह योजना शुरू की गई थी. टैग से पशु मालिक और रिकॉर्ड की पूरी जानकारी मिलनी थी. लेकिन आरोप है कि टैग हटाकर मवेशियों को खुला छोड़ दिया जाता है. यही मवेशी चौक-चौराहों पर बैठकर हादसों का कारण बन रहे हैं. दूसरी ओर 48 वार्डों में हजारों आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ चुकी है. लोगों पर हमले की घटनाओं से नागरिक डरे और नाराज हैं. शाम के बाद लोग टहलना तक बंद कर चुके हैं. बच्चों को अकेले बाहर भेजने से परिजन डर रहे हैं. नसबंदी योजना भी वर्षों से ठंडे बस्ते में बताई जा रही है. नगरवासी अब ठोस कार्रवाई और राहत की मांग कर रहे हैं.

अक्षय तृतीया पर बाजार में धनवर्षा, करोड़ों का कारोबार

जगदलपुर. अक्षय तृतीया पर बस्तर का बाजार सुबह से देर रात तक गुलजार रहा. शुभ संयोग और धार्मिक मान्यता ने खरीदारी को नई रफ्तार दी. सोने-चांदी के बढ़े दाम भी ग्राहकों की भीड़ नहीं रोक सके. सर्राफा बाजार में अकेले पांच करोड़ से ज्यादा कारोबार बताया गया. ऑटोमोबाइल सेक्टर में पहले से बुक गाड़ियों की डिलीवरी हुई. दर्जनों बाइक और कई चार पहिया वाहन सड़कों पर उतरे. बर्तन बाजार में कांसा, तांबा और पीतल की बिक्री तेज रही. इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में एसी और फ्रिज की रिकॉर्ड मांग दिखी. भीषण गर्मी ने होम एप्लायंसेज बाजार को भी गर्म रखा. रियल एस्टेट सेक्टर में भूखंड और फ्लैट बुकिंग बढ़ी. लोगों ने पूजा-अर्चना के बाद दान-पुण्य भी किया. अक्षय तृतीया ने व्यापारियों के चेहरों पर चमक लौटा दी.

तेन्दूपत्ता खरीदी का इंतजार, संग्राहकों की नजर सरकार पर

बस्तर. वन विभाग ने इस सीजन तेन्दूपत्ता खरीदी की तैयारी तेज कर दी है. बस्तर वनवृत्त में लाखों मानक बोरा खरीदी का लक्ष्य तय हुआ है. चार वन मंडलों की 75 समितियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. जगदलपुर वन मंडल में भी बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है. लेकिन अब तक खरीदी शुरू नहीं होने से संग्राहक इंतजार में हैं. सरकार प्रति मानक बोरा 5500 रुपये की दर से खरीदी कर रही है. इससे ग्रामीण परिवारों में इस बार बेहतर आमदनी की उम्मीद जगी है. पहले नक्सल प्रभाव से कई इलाकों में संग्रहण प्रभावित रहता था. अब हालात बदलने से ज्यादा खरीदी की संभावना जताई जा रही है. ठेकेदारों को भी राहत मिलने की उम्मीद सामने आई है. पिछले साल बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान हुआ था. इस बार मौसम साथ रहा तो ग्रामीणों की कमाई बढ़ सकती है.

ऑपरेशन मुस्कान में 5 गुमशुदा महिलाएं सुरक्षित बरामद

कोंडागांव. जिले में पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान और तलाश असर दिखाने लगा है. दो दिनों में 2 नाबालिग समेत 5 गुमशुदा महिलाओं को खोज लिया गया. 13 वर्षीय दो बालिकाओं के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी..पुलिस ने मामला दर्ज कर तुरंत जांच शुरू की. लोकेशन मिलने पर दोनों बालिकाओं को सुरक्षित बरामद किया गया..इसके बाद परिजनों को सौंपकर राहत दी गई. अभियान में तीन अन्य महिलाओं को भी अलग-अलग स्थानों से ढूंढा गया. 18 वर्षीय युवती, 21 वर्षीय महिला और 65 वर्षीय वृद्धा मिलीं. सभी को सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाया गया. थाना कोंडागांव टीम ने लगातार कार्रवाई की. महिला पुलिसकर्मियों ने भी अहम भूमिका निभाई. पुलिस ने कहा गुमशुदगी मामलों में अभियान जारी रहेगा.

धर्मांतरण विवाद पर 30 अप्रैल तक अल्टीमेटम

नारायणपुर. छोटेडोंगर क्षेत्र में धर्मांतरण मुद्दे पर माहौल गरमा गया है. सर्व समाज की विशाल बैठक में 800 से ज्यादा ग्रामीण जुटे. बैठक में सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान पर चिंता जताई गई. ग्रामीणों ने कहा परंपराओं से दूरी बढ़ती जा रही है. धर्मांतरित परिवारों को 30 अप्रैल तक मूल धर्म लौटने की चेतावनी दी गई. अन्यथा बड़े आंदोलन की राह अपनाने की बात कही गई. गोडपाल, परलभाट और आसपास गांवों से प्रतिनिधि पहुंचे थे. बाहरी प्रभाव और प्रलोभन के आरोप भी लगाए गए. हालांकि किसी व्यक्ति विशेष का नाम सामने नहीं आया. तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की गई. प्रशासन से शांति बनाए रखने हस्तक्षेप की अपील हुई. समयसीमा के बाद आंदोलन की संभावना जताई जा रही है.

पुसपाल वैली बनेगी नया पर्यटन हब, 3.16 करोड़ के काम शुरू

कोंडागांव. कभी सन्नाटे वाला इलाका अब पर्यटन की नई पहचान बनने जा रहा है. पुसपाल वैली में 3 करोड़ 16 लाख के विकास कार्य शुरू हुए. वन मंत्री केदार कश्यप ने भूमिपूजन कर परियोजना का शुभारंभ किया. यहां इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की बड़ी योजना तैयार हुई है. एटीवी राइड और एडवेंचर गतिविधियां विकसित की जाएंगी. नदी आधारित पर्यटन और इको कॉटेज भी बनाए जाएंगे. रिसॉर्ट निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे. नदी तट पर ओपन रेस्टोरेंट भी बनाया जाएगा. स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है. देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने पर फोकस रहेगा. कार्यक्रम के दौरान तेज बारिश भी उत्साह नहीं रोक सकी. बदलते बस्तर की नई तस्वीर पुसपाल से दिखने लगी है.

रावघाट खनन पर ग्रामीणों का गुस्सा, खेत हो रहे बंजर

नारायणपुर. रावघाट खनन परियोजना पर अब ग्रामीणों का विरोध तेज होने लगा है. ग्रामीणों ने लाल पानी और मलमा खेतों में घुसने का आरोप लगाया. परलभाट और खोड़गांव राउडपारा के किसान सबसे ज्यादा प्रभावित बताए गए. खेती योग्य जमीन धीरे-धीरे बंजर होती जा रही है. धान और अन्य फसलों की पैदावार लगभग खत्म होने लगी है. मिट्टी पर खनिज अवशेष की मोटी परत जमने की शिकायत है. ग्रामीणों ने पर्यावरण सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया. कहा गया कि ट्रीटमेंट और रोकथाम की ठोस व्यवस्था नहीं है. जल स्रोतों पर भी असर पड़ने की बात सामने आई. न मुआवजा मिला, न वैकल्पिक व्यवस्था होने का आरोप है. पीड़ित किसानों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है. अब सवाल उठ रहा है विकास किसके लिए और किस कीमत पर.