Rudra Pratap Dehari: बस्तर के आदिवासी अंचल और कभी धुर नक्सल प्रभावित रहे दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण से निकलकर तेज गेंदबाज रुद्र प्रताप देहारी ने क्रिकेट की दुनिया में एक और बड़ी छलांग लगाई है। अपनी तेज रफ्तार गेंदों से बल्लेबाजों को परेशान करने वाले रुद्र का चयन आईपीएल की सफल फ्रेंचाइजियों में से एक मुंबई इंडियंस की रिलायंस-1 टीम में हुआ है। अब वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट एक्सपोजर और ट्रेनिंग के लिए आज टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका रवाना होंगे।
रुद्र इस टीम में जगह बनाने वाले छत्तीसगढ़ के पहले खिलाड़ी बताए जा रहे हैं। बस्तर के एक छोटे से गांव से शुरू हुआ उनका क्रिकेट सफर अब दक्षिण अफ्रीका तक पहुंच चुका है, जहां उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाओं और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के बीच खुद को और निखारने का मौका मिलेगा।
140 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार, CPL में 15 विकेट

रुद्र प्रताप देहारी की सबसे बड़ी पहचान उनकी तेज गेंदबाजी है। वे करीब 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी करने की क्षमता रखते हैं। हाल ही में छत्तीसगढ़ प्रीमियर लीग में उन्होंने बिलासपुर बुल्स का प्रतिनिधित्व किया और शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 15 विकेट अपने नाम किए। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने टूर्नामेंट की पर्पल कैप हासिल की।
रुद्र के इसी प्रदर्शन ने क्रिकेट से जुड़े लोगों और मुंबई इंडियंस के स्काउट्स का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद रिलायंस मैनेजमेंट ने उन्हें अपने डेवलपमेंट स्क्वॉड में शामिल किया।
चार साल पहले मां के साथ पहुंचे थे क्रिकेट अकादमी
रुद्र की कहानी किसी बड़े क्रिकेट शहर से शुरू नहीं हुई। करीब चार साल पहले वह अपनी मां के साथ बस्तर इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिकेट, कालीपुर पहुंचे थे। अकादमी के संचालक प्रदीप गुहा के मुताबिक उस समय रुद्र काफी दुबले-पतले थे, लेकिन गेंदबाजी के प्रति उनका जुनून पहली नजर में ही दिखाई देता था।
जब रुद्र ने पहली बार ड्यूज बॉल से टर्फ विकेट पर गेंदबाजी की, तो उनकी गति ने प्रशिक्षकों का ध्यान खींच लिया। उनकी वास्तविक क्षमता को परखने के लिए करीब 50 हजार रुपये की स्पीड मशीन खरीदी गई। अभ्यास के दौरान रुद्र ने लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार दर्ज कराई। इसके बाद उनकी ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दिया गया और उनकी गति के साथ-साथ तकनीक को भी लगातार बेहतर किया गया। निरंतर अभ्यास और मेहनत के बाद उनकी गति बढ़ती गई और अब वे 140 किमी प्रति घंटे तक गेंद फेंक रहे हैं।
अंडर-19 से NCA और CK नायडू ट्रॉफी तक पहुंचा सफर

करीब डेढ़ साल की लगातार मेहनत के बाद रुद्र ने बस्तर संभाग की अंडर-19 टीम में जगह बनाई। इसके बाद उनका चयन छत्तीसगढ़ अंडर-19 टीम में हुआ, जहां उन्होंने लगातार दो वर्षों तक कूच बिहार ट्रॉफी और वीनू मांकड़ ट्रॉफी में हिस्सा लिया।
उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन का नतीजा रहा कि उन्हें नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) के लिए चुना गया। इसके बाद अंडर-23 स्तर पर सीके नायडू ट्रॉफी में भी रुद्र ने अपनी तेज गेंदबाजी का प्रभाव छोड़ा।
अब मुंबई इंडियंस के रिलायंस सेटअप में चयन उनके करियर का एक नया पड़ाव है। दक्षिण अफ्रीका में उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट माहौल में प्रशिक्षण और एक्सपोजर मिलेगा, जो उनके आगे के क्रिकेट करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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