० MLFF सिस्टम लागू होने के बाद फास्टैग से ऑटोमैटिक कटने लगा टोल, रोजाना 250 तक पहुंची लोकल पास की मांग

करनाल। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) स्थित करनाल के बस्तारा (घरौंडा) टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम लागू होने के बाद स्थानीय वाहन चालकों में लोकल पास बनवाने की होड़ मच गई है। बैरियर हटने के बाद अब फास्टैग से टोल शुल्क स्वतः कटने लगा है, जिसके चलते लोकल पास की मांग में तीन गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

जानकारी के अनुसार, पहले जहां प्रतिदिन 70 से 80 लोकल पास बनाए जाते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 200 से 250 प्रतिदिन तक पहुंच गई है।

बैरियर हटते ही फास्टैग से कटने लगा टोल

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बस्तारा टोल प्लाजा पर सभी फिजिकल बैरियर हटाकर हाई-टेक ANPR कैमरे और RFID रीडर लगाए हैं। पहले स्थानीय निवासी पहचान पत्र दिखाकर रियायत या छूट के साथ टोल पार कर लेते थे, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन के गुजरते ही फास्टैग से एकतरफा यात्रा के ₹185 और रिटर्न यात्रा के ₹280 स्वतः कटने लगे हैं।

यही वजह है कि अतिरिक्त टोल शुल्क से बचने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग लोकल पास बनवा रहे हैं।

₹2,000 में सालभर टोल फ्री सफर की तैयारी

स्थानीय लोगों के विरोध और रियायती व्यवस्था की मांग के बाद सरकार अब स्थानीय निवासियों के लिए सालाना पास योजना लाने की तैयारी में है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री एवं करनाल सांसद मनोहर लाल खट्टर ने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी मांगों पर चर्चा की थी।

वर्तमान में टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को ₹350 में मासिक लोकल पास की सुविधा मिलती है। NHAI के प्रोजेक्ट हेड प्रदीप मलिक के अनुसार, अब ₹2,000 का वार्षिक लोकल पास शुरू करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके लागू होने पर स्थानीय वाहन चालक पूरे वर्ष बिना अतिरिक्त शुल्क के टोल प्लाजा का उपयोग कर सकेंगे और हर महीने पास रिन्यू कराने की जरूरत भी नहीं होगी।