दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में ई-रिक्शा (E-rickshaw) चालकों के लिए नई परेशानी सामने आई है। सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो रहे कई वीडियो में दावा किया जा रहा है कि बाइक सवार कुछ युवक एक कथित चाइनीज मोबाइल ऐप की मदद से चलते हुए ई-रिक्शा को बीच सड़क पर बंद कर दे रहे हैं। इससे चालकों और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि ई-रिक्शा में लगाया गया एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, जिसे चालकों की सुविधा और वाहन की निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता है, अब कथित तौर पर दुरुपयोग का कारण बन रहा है। आरोप है कि इसी तकनीक का इस्तेमाल कर कुछ लोग दूर से ई-रिक्शा को निष्क्रिय कर रहे हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के पास अब तक इस संबंध में किसी थाने में कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। बावजूद इसके, सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और दावों ने ई-रिक्शा चालकों के बीच चिंता बढ़ा दी है।

बुराड़ी मेट्रो स्टेशन पर ई-रिक्शा चालक ने दावा किया कि सोमवार को उसका ई-रिक्शा अचानक बीच सड़क पर बंद हो गया। कारण समझ में नहीं आने पर उसने सवारियों को उतारकर वाहन को मैकेनिक के पास पहुंचाया। चालक के अनुसार, मैकेनिक ने करीब 300 रुपये लेकर ऐप के माध्यम से लॉक हटाया और बैटरी का कनेक्शन बहाल किया, जिसके बाद ई-रिक्शा दोबारा चालू हो गया। मैकेनिक ने बताया कि बैटरी में लगी चिप के जरिए करंट का कनेक्शन काट दिया गया था।

इधर, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में एक साइकिल सवार युवक कथित तौर पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा को मोबाइल ऐप के जरिए बंद करता हुआ दिखाई देता है। यह वीडियो 1 जुलाई को अपलोड किया गया था। वहीं, एक अन्य वीडियो में एक ई-रिक्शा चालक वाहन बंद हो जाने से परेशान नजर आता है और एक युवक पर ऐप के जरिए ई-रिक्शा बंद करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताता है।

बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम की सुरक्षा खामी का कथित दुरुपयोग

जानकारों के अनुसार, कई ई-रिक्शा में लगी लिथियम-आयन बैटरी के साथ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) लगा होता है, जो ब्लूटूथ के माध्यम से मोबाइल फोन से जुड़कर बैटरी का चार्ज, वोल्टेज, तापमान और करंट जैसी जानकारियां उपलब्ध कराता है। बताया जा रहा है कि कुछ कम कीमत वाले ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाले चीनी मूल के BMS में ब्लूटूथ कनेक्शन के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती। इसी कथित कमजोरी का फायदा उठाकर कुछ लोग ‘BAT BMS’ नामक मोबाइल ऐप का उपयोग कर रहे हैं। दावा है कि यदि ऐसा ई-रिक्शा करीब 10 से 15 मीटर की दूरी में आता है, तो ऐप बिना किसी प्रमाणीकरण (ऑथेंटिकेशन) के उसके BMS से कनेक्ट हो सकता है। दावों के अनुसार, ऐप के जरिए बैटरी के डिस्चार्ज स्विच को बंद कर दिया जाता है, जिससे मोटर तक बिजली की आपूर्ति रुक जाती है और ई-रिक्शा चलना बंद हो जाता है।

क्या है BAT-BMS ऐप?

BAT-BMS एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसे Shenzhen Greenenergy Technology ने विकसित किया है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध है और मुख्य रूप से ब्लूटूथ आधारित स्मार्ट लिथियम-आयन बैटरियों की निगरानी और प्रबंधन के लिए बनाया गया है। इस ऐप के माध्यम से उपयोगकर्ता बैटरी से जुड़ी विभिन्न तकनीकी जानकारियां, जैसे चार्जिंग स्तर (State of Charge), वोल्टेज, तापमान, डिस्चार्ज करंट और अन्य परिचालन संबंधी आंकड़े देख सकते हैं। इसके अलावा, कुछ संगत (कंपैटिबल) स्मार्ट बैटरियों में ऐप के जरिए चार्जिंग या डिस्चार्ज जैसी कुछ सेटिंग्स को नियंत्रित करने की सुविधा भी उपलब्ध होती है।

क्या किसी भी ई-रिक्शा को दूर से बंद किया जा सकता है?

BAT-BMS ऐप में किसी भी ई-रिक्शा को सीधे लॉक या बंद करने का कोई अलग फीचर नहीं है। सामान्य रूप से किसी स्मार्ट बैटरी से कनेक्ट होने के लिए ब्लूटूथ पेयरिंग, संबंधित डिवाइस की अनुमति या पेयरिंग कोड की आवश्यकता होती है। इसलिए बिना अनुमति किसी भी चलते-फिरते वाहन की बैटरी से कनेक्ट होना सामान्य परिस्थितियों में संभव नहीं माना जाता। इसके अलावा, यह ऐप केवल उन्हीं स्मार्ट लिथियम बैटरियों के साथ काम करता है, जिनमें ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) लगा हो। भारत में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा अब भी पारंपरिक लीड-एसिड या ऐसे लिथियम बैटरी सिस्टम का उपयोग करते हैं, जिनमें यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती। हालांकि, यदि किसी विशेष BMS में सुरक्षा संबंधी खामियां हों जैसे बिना प्रमाणीकरण के ब्लूटूथ कनेक्शन स्वीकार करना तो वह संबंधित हार्डवेयर या उसके कॉन्फ़िगरेशन की समस्या हो सकती है, न कि ऐप की सामान्य कार्यप्रणाली।

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