सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच संभावित गठबंधन को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा के पूर्व एमएलसी उदयवीर सिंह के बीच जुबानी जंग ने दोनों दलों के रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

सपा नेता उदयवीर सिंह ने इमरान मसूद पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अपने संगठन के राष्ट्रीय नेता नहीं हैं और गठबंधन जैसे फैसले मीडिया में दिए गए बयानों से नहीं, बल्कि सपा और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच तय होते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान मसूद केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं.

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इसके जवाब में इमरान मसूद ने सपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन का सबसे अधिक लाभ समाजवादी पार्टी को मिला और कांग्रेस के सहयोग के बिना सपा इतनी सीटें नहीं जीत पाती. मसूद ने यह भी आरोप लगाया कि सपा मुस्लिम नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाती और अपनी जीत का श्रेय राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के समर्थन को दिया. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि सीट बंटवारे और गठबंधन को लेकर बातचीत में सहमति नहीं बनती है तो कांग्रेस अपने विकल्प खुले रख सकती है. इमरान मसूद पहले भी कांग्रेस के 403 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने और गठबंधन को “रीसेट” करने की बात कह चुके हैं.

वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2024 के सफल गठबंधन के बावजूद 2027 के चुनाव से पहले सीट शेयरिंग, नेतृत्व और स्थानीय महत्वाकांक्षाओं को लेकर दोनों दलों के बीच मतभेद उभरने लगे हैं. हालांकि, अब तक सपा और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.