बेगूसराय। जिले में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। तियाय ओपी पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर नाकेबंदी कर दो तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में कांग्रेस पार्टी का जिला महासचिव रविरंजन सिंह भी शामिल है। इस गिरफ्तारी के बाद जिले की राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
नाकेबंदी और तलाशी में खुली पोल
पुलिस को लंबे समय से इलाके में नशीले पदार्थों की तस्करी की सूचना मिल रही थी। सूचना की पुष्टि के बाद तियाय ओपी पुलिस ने फतेहपुर के पास विशेष नाकेबंदी की। इसी दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध बाइक को रुकवाया, जिस पर दो युवक सवार थे। पुलिस ने जब बाइक सवारों की तलाशी ली, तो उनके पास से 23.18 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पकड़े गए आरोपियों की पहचान दुलारपुर निवासी रविरंजन सिंह और कौशल कुमार के रूप में हुई है।

’सफेदपोश’ की संलिप्तता से पुलिस हैरान
इस घटना का सबसे चर्चित पहलू कांग्रेस जिला महासचिव रविरंजन सिंह की संलिप्तता है। एक राजनीतिक पदाधिकारी का नशे के अवैध कारोबार में नाम आने के बाद स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये आरोपी महज कैरियर थे या किसी बड़े ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा हैं।
एसपी मनीष ने दी जानकारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए बेगूसराय के एसपी मनीष कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS Act (स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस अब इस नेटवर्क की तह तक जाने के लिए जांच कर रही है।
- कहां से आई खेप? पुलिस अब मुख्य सप्लायर की पहचान करने में जुटी है।
- किसे होनी थी डिलीवरी? तस्करों के कॉल डिटेल और नेटवर्क खंगाले जा रहे हैं।
- आगे की कार्रवाई: पकड़े गए दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस का दावा है कि इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और जांच के दौरान कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल, पूरा मामला बेगूसराय पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

