बेगूसराय। जिले के चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र में कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित एक मेले में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब झूले के पास सुरक्षा के लिए बनाई गई बैरिकेडिंग का एक हिस्सा अचानक ढह गया। घटना के समय मेले में भारी भीड़ उमड़ी हुई थी और लोग झूले का आनंद लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े थे। अत्यधिक दबाव के कारण लोहे और बांस से तैयार यह ढांचा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया, जिसके बाद वहां चीख-पुकार मच गई।
अफवाह ने बढ़ाई दहशत और मची भगदड़
बैरिकेडिंग टूटने की इस मामूली सी घटना ने पलभर में एक बड़े हादसे का रूप ले लिया। ढांचे के गिरने के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई और इसी दौरान किसी ने यह अफवाह फैला दी कि मेले का मुख्य झूला ही टूटकर गिर गया है। इस झूठी खबर के फैलते ही मेला परिसर में भयंकर भगदड़ मच गई। अपनी जान बचाने की जल्दी में लोग इधर-उधर भागने लगे, जिससे कई लोग जमीन पर गिरकर कुचलने से बाल-बाल बचे। इस अराजकता और भगदड़ के दौरान लगभग 10 से 15 लोग मामूली रूप से चोटिल हो गए। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार के बड़े या गंभीर हादसे की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी से टला बड़ा संकट
घटना की जानकारी मिलते ही मेला परिसर में तैनात पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए लाउडस्पीकर और माइक के जरिए लगातार घोषणा करनी शुरू की। प्रशासन ने लोगों को स्पष्ट तौर पर समझाया कि झूला पूरी तरह सुरक्षित है और किसी भी तरह का झूला नहीं गिरा है, केवल सुरक्षा घेरे की बैरिकेडिंग का एक हिस्सा टूटा है। प्रशासन की इस कार्रवाई और सूझबूझ के कारण धीरे-धीरे लोगों का डर दूर हुआ और कुछ ही देर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई।
मरम्मत कार्य जारी और स्थिति सामान्य
घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और मेला समिति ने सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए तत्काल प्रभाव से कदम उठाए। सामने आए वीडियो फुटेज और तस्वीरों में कारीगर और कर्मचारी टूटे हुए लोहे और बांस के ढांचे की युद्धस्तर पर मरम्मत करते नजर आ रहे हैं। सुरक्षा के कड़े मानकों को ध्यान में रखते हुए झूले के आसपास के क्षेत्र को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। वर्तमान समय में चेरिया बरियारपुर का यह मेला परिसर पूरी तरह शांत, सुरक्षित और सामान्य है तथा श्रद्धालु बिना किसी डर के मेले का आनंद ले रहे हैं।



