अजय शास्त्री, बेगूसराय। जिले के नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाछी टोला का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक खुलेआम दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग करता हुआ साफ नजर आ रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
कुख्यात गछिया पासवान पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि इसमें नजर आ रहा युवक कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि इलाके का कुख्यात बदमाश गछिया पासवान है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की प्रमाणिकता और इसमें दिख रहे शख्स की आधिकारिक पहचान को लेकर अभी तक स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से कोई भी पुष्टि नहीं की गई है। इसके बावजूद, इस संभावित कनेक्शन ने प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है।
पुलिस की कार्यशैली और सुशासन के दावों पर सवालिया निशान
इस तरह की घटनाएं सीधे तौर पर राज्य सरकार और जिला प्रशासन के उन दावों पर सवाल खड़े करती हैं जिनमें कानून-व्यवस्था के पूरी तरह दुरुस्त होने की बात कही जाती है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बेखौफ अपराधियों के भीतर से पुलिस और कानून का डर पूरी तरह क्यों खत्म होता जा रहा है? दिनदहाड़े सार्वजनिक जगहों पर हथियार लहराकर दहशत फैलाना यह साबित करता है कि अपराधियों के मन में पुलिसिया खौफ का ग्राफ काफी नीचे आ चुका है। यदि यह वायरल वीडियो सही साबित होता है, तो यह स्पष्ट तौर पर स्थानीय पुलिस की लचर कार्यशैली और खुफिया तंत्र की नाकामी को उजागर करता है।
स्थानीय लोगों में खौफ और तकनीकी जांच की मांग
गाछी टोला और आसपास के इलाकों के लोगों में इस घटना के बाद से भारी असुरक्षा की भावना व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन और फायरिंग होना किसी बड़े खतरे की घंटी है। जनता और प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन से यह मांग की है कि इस वायरल वीडियो की तुरंत तकनीकी जांच कराई जाए। इस जांच के जरिए यह पता लगाया जाना बेहद जरूरी है कि यह वीडियो कब और किस सटीक स्थान पर रिकॉर्ड किया गया था, इस घटना में किस प्रकार के हथियार का इस्तेमाल किया गया और वीडियो में दिखने वाला संदिग्ध असल में कौन है।
पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी सबकी निगाहें
फिलहाल, इस पूरे मामले पर पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और ठोस जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी। क्या पुलिस इस वीडियो को आधार बनाकर त्वरित और कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा, यह आने वाला वक्त ही बताएगा। यदि जांच में वीडियो और फायरिंग की पुष्टि होती है, तो प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि आरोपी के खिलाफ इतनी कड़ी कार्रवाई हो जो अन्य अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश बने। फिलहाल, इस पूरी घटना ने बेगूसराय में प्रशासनिक सुशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है और आम जनता की सुरक्षा पर एक बार फिर से बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।


