गया। जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है। इस जघन्य अपराध के विरोध में और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में रविवार को भाकपा माले की एक उच्चस्तरीय जांच टीम ने पीड़िता के ननिहाल और घटनास्थल का दौरा किया।
परिजनों से मुलाकात और जमीनी हकीकत
भाकपा माले की जांच टीम ने पीड़िता के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और पूरी घटना का क्रम समझा। टीम के सदस्यों ने पाया कि परिवार गहरे सदमे और भय में है। नेताओं ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं प्रशासन की विफलता और कानून-व्यवस्था के गिरते स्तर का प्रमाण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों के मन से कानून का खौफ खत्म हो चुका है, जिसके कारण अपराधी दिन-दहाड़े ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
4 मई को बेलागंज बाजार बंद का ऐलान
घटना की गंभीरता और प्रशासन की कथित सुस्ती के खिलाफ भाकपा माले ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। पार्टी के दिग्गज नेताओं ने घोषणा की है कि 4 मई को बेलागंज बाजार पूर्णतः बंद रहेगा। इस दौरान विरोध मार्च और प्रदर्शन के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाया जाएगा कि वह दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित करे और मामले की स्पीडी ट्रायल (त्वरित सुनवाई) कराकर अपराधियों को फांसी जैसी कड़ी सजा दिलवाए।
सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला
राज्य कमेटी के सदस्य तारिक अनवर ने नीतीश सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। बेलागंज की घटना ने यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों पर सिमट गई है। पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई और पीड़िता को सुरक्षा व उचित न्याय नहीं मिला, तो यह जनआंदोलन केवल बेलागंज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे राज्य स्तर पर तेज किया जाएगा।
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