टीआरपी डेस्क। Jaipur Anu Meena Suicide Case: जयपुर के पॉश इलाके मानसरोवर से आई अनु मीणा की सुसाइड की खबर ने सबको चौंका दिया है। 7 अप्रैल को हुई इस घटना को डेढ़ महीना बीत चुका है, लेकिन पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं।

मृतका के घरवालों ने दहेज के लिए तंग करने का आरोप लगाया है। हैरानी की बात यह है कि घटना के इतने दिन बाद 15 मई को पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। मामला दर्ज हुए भी 10 दिन से ऊपर हो गए हैं, पर आरोपी पति गौतम मीणा से अब तक पुलिस पूछताछ नहीं कर पाई है। पूरा मामला एक गहरी गुत्थी बन चुका है।

आलीशान बंगले पर लटका ताला, पसरा सन्नाटा

मानसरोवर में स्थित गौतम मीणा का दो मंजिला आलीशान बंगला इस वक्त पूरी तरह सूना पड़ा है। घर के मुख्य दरवाजे पर बड़ा सा ताला लटक रहा है। बाहर एक कार, एक स्कूटी और दो साइकिलें खड़ी धूल खा रही हैं। सूत्रों की मानें तो 7 अप्रैल की उस काली रात के बाद से इस घर का दरवाजा दोबारा नहीं खुला। पड़ोसियों को भी नहीं पता कि गौतम इस वक्त कहां छिपा है। घर की इस हालत को देखकर आसपास के लोग भी सहमे हुए हैं और कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।

6 साल का हंसता-खेलता परिवार और फिर

पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने बताया कि गौतम और अनु साल 2020 में इस आलीशान मकान में शिफ्ट हुए थे। करीब 6 साल से यह परिवार यहीं रह रहा था। गौतम के माता-पिता और भाई की मौत पहले ही हो चुकी थी। इस बड़े घर में सिर्फ पति-पत्नी और उनके दो मासूम बच्चे रहते थे। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि अनु को फांसी लगानी पड़ी? यह सवाल अब भी हवा में तैर रहा है।

सबूतों की जांच के बाद होगी पूछताछ

पुलिस के बड़े अफसरों का कहना है कि अनु के मायके वालों और पीड़ित पक्ष के सभी बयान दर्ज कर लिए गए हैं। घटना से जुड़े वीडियो, बैंक दस्तावेज और अन्य सबूतों को खंगाला जा रहा है। पुलिस का दावा है कि इन सारे कागजातों की जांच पूरी होते ही आरोपी पति को शिकंजे में लिया जाएगा।

फिलहाल अनु के दोनों मासूम बच्चे अपने नाना-नानी के पास रह रहे हैं। मायके वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे बस एक ही मांग कर रहे हैं कि अनु को इंसाफ मिले और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा हो।

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