भागलपुर। जिले के अकबरनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले आलमगीर गांव में आपसी विवाद और रास्ते के अवरोध को लेकर दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस हिंसक झड़प में एक पक्ष के कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इनमें से तीन घायलों की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
​पीड़ित पक्ष की ओर से घायल महिला आसमा खातून ने इस पूरी घटना की दास्तां बयां की है। उन्होंने अपने ही पाटीदारों (गोतिया) पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद फारूक और मोहम्मद जियाउल ने मिलकर उनकी परेशानियों को बढ़ा दिया था।

​गली में दरवाजा लगाने से शुरू हुआ विवाद

​पीड़िता आसमा खातून के अनुसार, विवाद की मुख्य वजह रास्ता रोकना था। उनके पाटीदारों ने साझा गली में जबरन दरवाजा लगा दिया था। चूंकि उसी एक ही गली से दोनों परिवारों के घरों का आना-जाना होता था, इसलिए इस दीवार या दरवाजे के लग जाने से उनका आवागमन पूरी तरह बाधित हो रहा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई।

​पुलिस के जाने के बाद और भड़का विवाद

​विवाद बढ़ने पर पीड़ितों ने तुरंत सहायता के लिए डायल-112 पर कॉल किया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने दोनों पक्षों को मामले के समाधान के लिए थाने पर भी बुलाया था।
​आरोप के मुताबिक, विपक्षी मोहम्मद जियाउल उस वक्त थाने नहीं पहुंचे और काफी देर बाद थाने पहुंचे। जब वह थाने गए, उस समय वहां कोई अधिकारी मौजूद नहीं था, जिसके बाद उन्हें कुछ देर बाद आने को कह दिया गया।
​पुलिस स्टेशन से वापस लौटने के बाद गुस्साए आरोपियों ने कथित तौर पर गली को पूरी तरह से तोड़-फोड़ दिया। जब पीड़ित परिवार ने इसका विरोध किया, तो वे लोग लाठी-डंडों के साथ उतर आए और बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। आसमा खातून ने बताया कि आरोपियों ने उनके बेटे, भतीजी और परिवार के अन्य सदस्यों को नहीं छोड़ा। घर के सभी लोगों के साथ जमकर मारपीट की गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

​पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

​घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस अपने स्तर से इस पूरे मामले की बारीकी से छानबीन कर रही है। हालांकि, सबसे बड़ी बात यह है कि घटना को काफी समय बीत जाने के बाद भी अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और तेज किए जाने की उम्मीद है। पुलिस अधिकारी दोनों पक्षों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि इलाके में फिर से तनाव न फैले और शांति व्यवस्था कायम रहे।