बिहार में धार्मिक और पर्यटन स्थलों की तस्वीर बदलने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत गयाजी-बोधगया, नालंदा-राजगीर और बेगूसराय के सिमरिया घाट को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। इन प्रमुख क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार ने कुल 2142 करोड़ रुपए का एक भव्य मास्टर प्लान तैयार कर केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेज दिया है।
​हाल ही में बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय बजट 2024-25 के अंतर्गत प्रस्तुत इन महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को जल्द से जल्द सैद्धांतिक स्वीकृति देने का विशेष आग्रह किया है, ताकि धरातल पर काम तेजी से शुरू किया जा सके।

​गयाजी-बोधगया: हेरिटेज हाट और इंटरनेशनल फूड कोर्ट की सौगात

​धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण गयाजी-बोधगया क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार ने 1,080 करोड़ रुपए का भारी-भरकम प्रस्ताव तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

  • सांस्कृतिक विकास: इस योजना के तहत प्रमुख धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों का कायाकल्प किया जाएगा।
  • ​हेरिटेज हाट: स्थानीय कला, पारंपरिक उत्पादों और हस्तशिल्प को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए एक विशेष हेरिटेज हाट का निर्माण किया जाएगा।
  • ​इंटरनेशनल फूड कोर्ट: यहां आने वाले पर्यटकों को एक ही छत के नीचे दुनिया भर के लजीज व्यंजनों का स्वाद चखने के लिए एक आधुनिक इंटरनेशनल फूड कोर्ट बनाया जाएगा।

​नालंदा-राजगीर: सुगम कनेक्टिविटी और आधुनिक यात्री सुविधाएं

  • ​ऐतिहासिक और बौद्ध सर्किट के प्रमुख केंद्र नालंदा-राजगीर क्षेत्र के विकास के लिए 1050 करोड़ रुपए की विशाल योजना बनाई गई है। प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय और राजगीर के ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच को पूरी तरह सुगम बनाया जाएगा।
  • ​बेहतर बुनियादी ढांचा: इस योजना के अंतर्गत मजबूत सड़क कनेक्टिविटी और हाई-टेक पार्किंग जोन विकसित किए जाएंगे।
  • ​यात्री सुविधाएं: पर्यटकों की सुविधा के लिए शुद्ध पेयजल, अत्याधुनिक सुलभ शौचालय, उन्नत प्रकाश व्यवस्था, विश्राम स्थल और आधुनिक सूचना केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे यहां आने वाले यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

​सिमरिया धाम: प्रसाद योजना के तहत चमकेगा गंगा तट

​बेगूसराय स्थित अत्यंत प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सिमरिया घाट को एक आदर्श मॉडल तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने का प्लान है। इसके लिए केंद्र सरकार की प्रतिष्ठित ‘प्रसाद योजना’ के अंतर्गत 12.16 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है।

  • घाट का सौंदर्यीकरण: इस राशि से गंगा तट का भव्य सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
  • ​स्वच्छता और रोशनी: क्षेत्र में उन्नत स्वच्छता प्रबंधन प्रणाली लागू होगी और पूरे परिसर को रोशन करने के लिए हाई-मास्ट लाइटें लगाई जाएंगी।
  • ​श्रद्धालुओं के लिए सहूलियत: तीर्थयात्रियों के ठहरने के लिए व्यवस्थित शेड, पेयजल और आधुनिक शौचालय कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा।