भागलपुर। जिले में कोरोना वायरस ने एक बार फिर दस्तक दी है। जिले में महज 48 घंटे के भीतर कोरोना के दो नए मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है। ताजा मामले में एक बुजुर्ग के बाद उनकी बेटी की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। दोनों संक्रमितों को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (मायागंज) के आईसीयू के अलग-अलग वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।
बुजुर्ग के बाद बेटी भी आई चपेट में
मामले की शुरुआत तब हुई जब लालूचक निवासी एक बुजुर्ग की तबीयत पिछले एक सप्ताह से लगातार खराब चल रही थी। वे इलाज के लिए निजी क्लिनिक पहुंचे, जहां कोरोना जांच में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। इसके बाद सरकारी जांच में भी संक्रमण की पुष्टि हुई।
रविवार 19 जुलाई को बुजुर्ग के संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनके संपर्क में आए लोगों की ट्रैकिंग शुरू की। इसी क्रम में सोमवार को उनके संपर्क में रहने वाली उनकी बेटी की कोविड रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ गई। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने दोनों मामलों की पुष्टि करते हुए स्थिति पर पूरी नजर बनाए रखी है।
अस्पतालों में अलर्ट, सर्दी-खांसी के मरीजों पर विशेष निगरानी
जिले में दो नए मामले सामने आने के बाद मायागंज अस्पताल और सदर अस्पताल को पूरी तरह से अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है। अस्पताल प्रशासन द्वारा गंभीर सर्दी और खांसी के लक्षणों वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इसके अलावा, सदर अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए एक अलग वार्ड तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
मायागंज अस्पताल के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. राजकमल चौधरी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल दोनों मरीजों की स्थिति पूरी तरह से स्थिर है और उन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं है। निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत उनका इलाज किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर उनके संपर्क में आने वाले अन्य लोगों की भी आरटी-पीसीआर (RT-PCR) जांच कराई जाएगी।
घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत
जिला सिविल सर्जन (CS) डॉ. अशोक प्रसाद ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार से पैनिक होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह वायरस वातावरण में मौजूद है, इसलिए एहतियात बरतना सबसे जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को सर्दी, बुखार के साथ सांस लेने में कठिनाई महसूस हो, तो वह खुद को घर में आइसोलेट कर ले। हालांकि, गंभीर स्थिति होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर पूरी तरह से मुस्तैद हैं।
देश और दुनिया में कोरोना की स्थिति
स्थानीय मामलों के अलावा देश और दुनिया के अन्य हिस्सों से भी कोविड से जुड़े आंकड़े सामने आए हैं। आंध्र प्रदेश के कडप्पा में हाल ही में 46 वर्षीय एक व्यक्ति की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई थी जिसे फेफड़ों में गंभीर संक्रमण के चलते वेल्लोर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
दूसरी ओर एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2022 के अंत तक भारत में आधिकारिक तौर पर लगभग 5.3 लाख कोविड मौतें दर्ज की गई थीं, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का अनुमान है कि महामारी के दौरान भारत में कुल 47 लाख मौतें हुई थीं। वहीं वैश्विक स्तर पर इस अवधि तक लगभग 66 से 67 लाख आधिकारिक मौतें दर्ज की जा चुकी हैं।


