भागलपुर। जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां वाहन जांच के दौरान खुद को रेलवे का स्टेशन मास्टर बताने वाले एक बाइक सवार ने पुलिस के साथ जमकर हाई वोल्टेज ड्रामा किया। स्टेशन चौक पर चला यह विवाद लगभग आधे घंटे तक चर्चा का विषय बना रहा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है।
दौरान-ए-चेकिंग कागजात मांगने पर भड़के दीपक
घटना बुधवार शाम की है जब भागलपुर के व्यस्त स्टेशन चौक पर पुलिस वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक बाइक सवार को रोककर उसके वाहन से जुड़े कागजात दिखाने को कहा। जब पुलिस ने बाइक के नंबर से ऑनलाइन जांच की, तो पता चला कि गाड़ी का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट फेल हो चुका है। कागजात पूरे न मिलने पर जब पुलिस ने कार्रवाई की बात कही, तो बाइक चला रहे दीपक कुमार सिंह ने अपने पद का रोब दिखाना शुरू कर दिया। उसने तमतमाते हुए पुलिसकर्मी से कहा, मैं स्टेशन मास्टर हूं, क्या कर लीजिएगा…

वीडियो बनाने पर खोया आपा और दी धमकी
खुद को रेलवे का बड़ा अधिकारी बताकर दीपक ने मौके पर मौजूद दारोगा और अन्य पुलिसकर्मियों को धमकाना शुरू कर दिया। इस बीच जब वहां मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने इस पूरी बहस का वीडियो बनाना चाहा, तो दीपक ने अपना आपा खो दिया और लोगों पर भड़क गए। सिपाही के अनुसार, उसे केवल सामान्य वाहन चेकिंग के तहत रोका गया था, लेकिन वह नियमों का पालन करने के बजाय सीधे अधिकारियों से बहस करने पर उतर आया। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने सख्त रुख अपनाया और कागजात व पॉल्यूशन फेल होने के कारण बाइक को जब्त कर थाने ले गई।
आखिरकार चुकानी पड़ी गलती की कीमत, लिखना पड़ा माफीनामा
थाने पहुंचने के बाद दीपक का सारा घमंड और तेवर काफूर हो गया। अपनी गलती का अहसास होने पर उसने पुलिस अधिकारियों को लिखित माफीनामा सौंपा। दीपक ने अपने आवेदन में लिखा कि वह रेलवे में कर्मचारी हैं और अपनी ड्यूटी खत्म करके सीधे घर लौट रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि तनाव और आवेश में आकर उन्होंने अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया था। बकायदा लिखित माफी मांगने के बाद पुलिस ने मामले को शांत किया और आगे की कार्रवाई पूरी की। वहीं, अपनी सफाई में दीपक का यह भी कहना था कि पुलिस जांच के दौरान एक अन्य शख्स उनकी बाइक की तस्वीर खींच रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया था, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि पूरा विवाद केवल चेकिंग से बचने और धौंस जमाने के लिए खड़ा किया गया था।



