​आरा। भोजपुर जिले के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग ने इस संवेदनशील मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

​आयोग का सख्त रुख और गवाहों को बुलावा

​पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में गठित आयोग ने जांच को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आयोग के निर्देशानुसार, जगदीशपुर के एसडीपीओ पंकज कुमार मिश्रा ने मामले से जुड़े छह प्रमुख गवाहों को आधिकारिक समन जारी किया है।
​समन प्राप्त करने वाले गवाहों में मृतक भरत तिवारी के परिवार के चार सदस्य शामिल हैं उनकी मां आशा देवी, पिता काशीनाथ तिवारी, भाभी सुमन देवी और भाई चंदन तिवारी। इन चारों को 11 जुलाई को आरा स्थित आयोग के कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जवइनिया गांव के दो प्रत्यक्षदर्शी, जो वर्तमान में पुनर्वास टाउनशिप में रह रहे हैं, उन्हें 13 जुलाई को अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।

​कार्यालय का निरीक्षण और निष्पक्षता का वादा

​हाल ही में आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा ने आरा के जिला शिक्षा कार्यालय परिसर स्थित डीपीआरसी भवन का दौरा किया। उन्होंने न केवल कार्यालय की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया, बल्कि जांच तैयारियों की गहन समीक्षा भी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग का एकमात्र उद्देश्य घटना के प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जांच करना है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

​क्या है पूरा मामला?

​घटना 17 जून की है, जब शाहपुर क्षेत्र में पुलिस और भरत भूषण तिवारी के बीच मुठभेड़ होने का दावा किया गया था। इस दौरान भरत तिवारी को गोली लगी और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के तुरंत बाद, परिजनों ने इसे फर्जी मुठभेड़ करार देते हुए पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए और उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
​इस घटना ने पूरे बिहार में सियासी और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी थी। जन दबाव और न्याय की मांग को देखते हुए सरकार ने न्यायिक आयोग का गठन किया। अब जबकि आयोग ने बयान दर्ज करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है, तो यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में घटनाक्रम से जुड़ी कई महत्वपूर्ण कड़ियां सुलझेंगी और सच्चाई सामने आएगी।