वीरेंद्र गहवई, बिलासपुर। भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण के लिए बिलासपुर संभाग के बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में किए गए भू-अर्जन में कथित अनियमितताओं की जांच होगी। इस संबंध में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB) रायपुर ने अपराध दर्ज किया है।

मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(सी) तथा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। EOW/ACB के 6 अगस्त 2026 और 24 अगस्त 2026 के पत्र के बाद शिकायतों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए जिलेवार समितियों का गठन किया गया है।
दूसरे जिलों के राजस्व अधिकारी करेंगे जांच
कार्यालय आयुक्त, बिलासपुर संभाग की ओर से 3 सितंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, संबंधित जिलों के बजाय दूसरे जिलों के राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को जांच समितियों में शामिल किया गया है। समितियों को EOW/ACB के पत्रों में उल्लेखित शिकायतों के सभी बिंदुओं की जांच कर 15 दिनों के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिलासपुर जिले की जांच समिति
बिलासपुर जिले के लिए गठित समिति में मुंगेली जिले के अधिकारी शामिल हैं।
अध्यक्ष: गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, मुंगेली
सदस्य: रेखा चंद्रा, डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पथरिया, मुंगेली
सदस्य: कुणाल पाण्डेय, तहसीलदार, मुंगेली
कोरबा जिले की जांच समिति
कोरबा जिले की जांच समिति में बिलासपुर जिले के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
अध्यक्ष: डॉ. ज्योति पटेल, अतिरिक्त कलेक्टर, बिलासपुर
सदस्य: प्रवेश पैकरा, डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), कोटा, बिलासपुर
सदस्य: नीलम पिस्दा, तहसीलदार, पचपेड़ी, बिलासपुर
जांजगीर-चांपा जिले की जांच समिति
जांजगीर-चांपा जिले की जांच समिति में रायगढ़ जिले के अधिकारी शामिल हैं।
अध्यक्ष: रवि राही, अतिरिक्त कलेक्टर, रायगढ़
सदस्य: धनराज मरकाम, डिप्टी कलेक्टर, रायगढ़
सदस्य: प्रियंका राठिया, अधीक्षक भू-अभिलेख, रायगढ़
रायगढ़ जिले की जांच समिति
रायगढ़ जिले की जांच समिति में सक्ती जिले के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
अध्यक्ष: बिरेन्द्र कुमार लकड़ा, अतिरिक्त कलेक्टर, सक्ती
सदस्य: अरुण कुमार सोम, संयुक्त कलेक्टर, सक्ती
सदस्य: रवि शंकर राठौर, तहसीलदार, बाराद्वार, सक्ती
15 दिनों में देना होगा जांच प्रतिवेदन
आदेश में कहा गया है कि जांच समितियां आवश्यकता के अनुसार किसी योग्य, वरिष्ठ और जानकार पटवारी की सहायता ले सकती हैं। समितियों को शिकायतों में उल्लेखित सभी बिंदुओं की जांच कर 15 दिनों के भीतर अपना प्रतिवेदन आयुक्त कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद भारतमाला परियोजना के भू-अर्जन मामले में हलचल बढ़ गई है।

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