लखनऊ. मध्य प्रदेश के भिंड जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के 8 मजदूरों की मौत हो गई. हादसे की खबर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रत्येक परिवार को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मध्य प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर मृतकों के शवों को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर की जाए. साथ ही घायल मजदूरों के बेहतर इलाज के लिए लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.

धान की रोपाई के लिए गए थे मजदूर

जानकारी के मुताबिक लखीमपुर खीरी के पछगवां और आसपास के गांवों के मजदूर रोजगार की तलाश में मध्य प्रदेश गए थे. ये मजदूर ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र के चिनोर गांव में धान की रोपाई का काम कर रहे थे. काम पूरा करने के बाद मजदूर लोडिंग वाहन से अपने घर वापस लौट रहे थे. उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही वे अपने परिवारों के बीच पहुंच जाएंगे, लेकिन रास्ते में हुआ हादसा उनकी खुशियों को मातम में बदल गया.

नेशनल हाईवे-719 पर हुआ भीषण हादसा

बताया जा रहा है कि मजदूरों से भरा लोडिंग वाहन भिंड जिले में नेशनल हाईवे-719 पर पहुंचा था. इसी दौरान सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से उसकी जोरदार टक्कर हो गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि लोडिंग वाहन के परखच्चे उड़ गए. हादसे में पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल तीन मजदूरों ने ग्वालियर ले जाते समय दम तोड़ दिया. इस हादसे में करीब 22 मजदूर घायल भी बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज कराया जा रहा है.

गायों को बचाने के प्रयास में हुआ हादसा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सड़क पर बैठी गायों को बचाने के प्रयास में लोडिंग वाहन अनियंत्रित हो गया. दोनों वाहनों की रफ्तार अधिक होने के कारण चालक नियंत्रण नहीं रख पाए और दोनों वाहनों में जोरदार टक्कर हो गई. हालांकि पुलिस ने हादसे के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है. दुर्घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारी तय करने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है.

गांवों में पसरा मातम

हादसे की जानकारी मिलते ही लखीमपुर खीरी के उन गांवों में शोक की लहर दौड़ गई, जहां से मजदूर रोजगार के लिए मध्य प्रदेश गए थे. जिन परिवारों को अपने प्रियजनों के लौटने का इंतजार था, वहां अब मातम पसरा हुआ है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं. सरकार की ओर से आर्थिक सहायता के साथ शवों को घर पहुंचाने और घायलों के इलाज की व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है.