भिवानी में हनुमान जोहड़ी मंदिर परिवार द्वारा आयोजित अढ़ाई कोसी नगर परिक्रमा में समाजसेवियों की टोली चिलचिलाती धूप में श्रद्धालुओं को शीतल पेय और फल वितरित कर सेवा कर रही है।

अजय सैनी, भिवानी। शहर में इन दिनों भक्ति, सेवा और समर्पण का एक अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। स्थानीय हनुमान जोहड़ी मंदिर परिवार द्वारा बालयोगी महंत चरणदास महाराज के पावन सान्निध्य में निकाली जा रही अढ़ाई कोसी नगर परिक्रमा शहरवासियों के लिए न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनी हुई है, बल्कि यह सामाजिक समरसता की एक अनूठी मिसाल भी पेश कर रही है। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम न हो, इसके लिए शहर के प्रमुख समाजसेवियों की एक टोली दिन-रात सेवा कार्य में जुटी हुई है। परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह राहत और शीतलता की विशेष व्यवस्था की गई है, जो इस धार्मिक आयोजन की भव्यता को और बढ़ा रही है।

भीषण गर्मी में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था

इस धार्मिक नगर परिक्रमा में प्रतिदिन श्रद्धालु नरेश आहुजा, संजय कामरा, प्रकाश गर्ग, नवीन वर्मा और मास्टर माखन सिंह द्वारा शहर के विभिन्न चौराहों पर जलजीरा, आम, केले, सेब और ठंडे जूस का वितरण किया जाता है, ताकि श्रद्धालुओं की थकान को कम किया जा सके। इसी सेवा भाव की कड़ी में वीरवार को भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। शहर के विभिन्न मुख्य चौराहों पर सुबह से ही सभी सेवादार पूरी मुस्तैदी के साथ डटे नजर आए। जैसे ही नगर परिक्रमा का कारवां भजन-कीर्तन करते हुए वहां से गुजरा, वैसे ही इन सेवादारों ने सभी श्रद्धालुओं को अत्यंत प्रेमपूर्वक ठंडा जलजीरा, मौसमी फल और पौष्टिक जूस वितरित कर उन्हें ऊर्जा और शीतलता प्रदान की।

मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म

अपनी इस नि:स्वार्थ सेवा के बारे में बताते हुए श्रद्धालु नरेश आहुजा, संजय कामरा, प्रकाश गर्ग, नवीन वर्मा और मास्टर माखन सिंह ने कहा कि भीषण गर्मी में परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं को शीतलता और ऊर्जा पहुंचाना ही हमारा एकमात्र मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है और हम खुद को बेहद भाग्यशाली मानते हैं कि हमें इस पवित्र कार्य में अपना योगदान देने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि जब तक यह परिक्रमा चलेगी, उनकी यह सेवा इसी तरह अनवरत जारी रहेगी। भिवानी की यह पावन धरा हमेशा से ही संतों के आशीर्वाद और सेवाभाव के लिए जानी जाती रही है, और वे सब मिलकर बस उसी समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

बालयोगी महंत चरणदास महाराज ने दिया आशीर्वाद

सेवादारों के इस उत्कृष्ट और नि:स्वार्थ सेवाभाव को देखकर बालयोगी महंत चरणदास महाराज भी अत्यंत अभिभूत नजर आए। उन्होंने इस समर्पित सेवादार टोली को अपना विशेष आशीर्वाद प्रदान किया और उनके द्वारा किए जा रहे पुनीत कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। महाराज ने इस अवसर पर कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि परोपकार करना और मानवता की सच्ची सेवा करना ही संसार में सबसे बड़ा धर्म है। इस पावन और धार्मिक अवसर पर घनश्याम शर्मा, धर्मवीर दहिया, जयपाल परमार, सुनील गर्ग, संजय सैनी, दनवंती देवी, चंचल वर्मा सहित भारी संख्या में अन्य श्रद्धालु और गणमान्य लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे।