राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। राजधानी भोपाल में मध्य प्रदेश बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया गया है। यह सवाल किसी और ने नहीं बल्कि 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने उठाया है। छात्रा का आरोप है कि उत्तरपुस्तिका में सही जवाब होने के बाद भी गलत मूल्यांकन किया गया है।
एमपी बोर्ड की परीक्षा में 87 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली छात्रा पूर्वा शर्मा ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए है। उसका कहना है कि उसने नियमों के तहत कॉपी री-ओपन कराई। एनसीईआरटी के आधार पर कई जवाब सही साबित हुए, लेकिन फिर भी उसके मार्क्स काट लिए गए। उसका यह भी आरोप है कि जब वह न्याय मांगने बोर्ड ऑफिस पहुंची, तो समाधान देने की जगह उसे कोर्ट जाने की सलाह दी गई। पूर्वा ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा लिखते हुए शिक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
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12वीं बोर्ड का ऐसा रहा रिजल्ट
आपको बता दें कि इस साल 12वीं बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी 2026 से 07 मार्च 2026 तक आयोजित की गई थी । हायर सेकेण्डरी परीक्षा में कुल 689746 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। नियमित परीक्षार्थियों की संख्या 613634 और स्वाध्यायी परीक्षार्थियों की संख्या 76112 रही है। 76.01 प्रतिशत नियमित परीक्षार्थी उत्तीर्ण और 30.60 प्रतिशत स्वाध्यायी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। रेगुलर छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत 72.39 और छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 79. 41 रहा।
सरकारी स्कूलों का परीक्षाफल 80.43 प्रतिशत और प्राइवेट स्कूलों का परिणाम 69.67 प्रतिशत रहा है। 12वीं में भी सरकारी स्कूलों का रिजल्ट बेहतर रहा है। 12वीं में इस साल किसी भी छात्र का परीक्षाफल पूरक घोषित नहीं किया गया है। इस वर्ष कुल 1 लाख 99 हजार 599 स्टूडेंट्स फेल हुए है। जिन्हें दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया गया है।

