दिल्ली-NCR में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जिससे लोगों को तेज लू (Heat Wave) और झुलसा देने वाली गर्मी का सामना करना पड़ा। सफदरजंग (Safdarjung) में अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक था। वहीं पालम (Palam) में तापमान 44.9 डिग्री तक पहुंच गया।  इसके अलावा लोधी रोड, रिज और अयानगर में भी तापमान 44.5 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जिससे पूरे दिल्ली-NCR क्षेत्र में गर्मी अपने चरम पर हैं. दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म बनी हुई हैं। IMD के अनुसार, न्यूनतम तापमान भी सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया। इसी बीच राजधानी के राम मनोहर लोहिया (RML) में इस सीजन का पहला हीटस्ट्रोक (Heatstroke) का मामला दर्ज किया गया है।

दिल्ली में हीट स्ट्रोक का पहला मामला

भीषण गर्मी अब लोगों की सेहत पर भी गंभीर असर डालने लगी है। इसी बीच राजधानी के राम मनोहर लोहिया (RML) में इस सीजन का पहला हीटस्ट्रोक का मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल का 24 वर्षीय युवक ट्रेन से दिल्ली आ रहा था। यात्रा के दौरान अत्यधिक गर्मी और लू के असर से उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। मंगलवार रात करीब 1:45 बजे उसे गंभीर हालत में आरएमएल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे हीटस्ट्रोक का मामला बताया। RMLअस्पताल के मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर डॉ. अतुल चौहान ने मरीज की हालत को बेहद गंभीर बताया है। डॉ. चौहान के अनुसार, पश्चिम बंगाल का 24 वर्षीय युवक ट्रेन से दिल्ली आ रहा था। यात्रा के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। उसे उल्टियां हुईं, तेज थकावट महसूस हुई और लूज मोशन शुरू हो गए। कुछ ही देर बाद वह बेसुध हो गया।उन्होंने बताया कि जब युवक को अस्पताल लाया गया तब उसका बॉडी टेम्परेचर 105 डिग्री फारेनहाइट था, जो हीटस्ट्रोक की बेहद गंभीर स्थिति मानी जाती है। डॉक्टरों ने तुरंत इमरजेंसी उपचार शुरू करते हुए युवक को गर्दन से नीचे बर्फ मिले ठंडे पानी में रखा, ताकि शरीर का तापमान तेजी से कम किया जा सके। इसके बाद उसे मेडिसिन वार्ड में भर्ती किया गया।

हीटस्ट्रोक हो सकता है जानलेवा

दिल्ली-एनसीआर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच डॉक्टरों ने लोगों को हीटस्ट्रोक यानी लू को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉ. अतुल चौहान ने चेतावनी देते हुए कहा कि लू लगना एक बेहद गंभीर और प्राणघाती स्थिति साबित हो सकती है। डॉ. चौहान के अनुसार, खासकर लंबी ट्रेन यात्रा करने वाले यात्रियों, बाहर काम करने वाले मजदूरों और तेज धूप में लंबे समय तक रहने वाले लोगों में हीटस्ट्रोक का खतरा अधिक होता है। उन्होंने बताया कि डिहाइड्रेशन ,लगातार तेज धूप ,गर्म हवाएं ,शरीर में पानी और नमक की कमी के कारण शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है, जो गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

दिल्ली-NCR में गर्मी का सितम जारी

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली-एनसीआर के सभी प्रमुख मौसम केंद्रों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन में भीषण गर्मी बनी हुई है, वहीं रात का तापमान भी सामान्य से ऊपर रहने के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। लगातार गर्म रातों ने उमस और बेचैनी को और बढ़ा दिया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब दिन और रात दोनों समय तापमान ऊंचा बना रहता है, तब हीटवेव का असर ज्यादा गंभीर हो जाता है और शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता।

सबसे गंभीर और जानलेवा स्थिति

हीट स्ट्रोक गर्मी से जुड़ी सबसे गंभीर और जानलेवा स्थितियों में से एक माना जाता है। इस स्थिति में शरीर का तापमान अचानक बहुत अधिक बढ़ जाता है और शरीर खुद को सामान्य तापमान पर ठंडा नहीं कर पाता। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि समय पर इलाज न मिले तो हीट स्ट्रोक का असर शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे दिल, दिमाग और किडनी—पर पड़ सकता है और मरीज की हालत बेहद गंभीर हो सकती है। तेज बुखार, चक्कर आना, बेहोशी, तेज सिरदर्द, उलझन या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच स्वास्थ्य विभाग लोगों को धूप में कम निकलने, पर्याप्त पानी पीने और शरीर को ठंडा रखने की सलाह दे रहा है।

भीषण लू चलने की चेतावनी जारी

IMD ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में भीषण लू को लेकर चेतावनी जारी की है। इसी बीच दिल्ली में सामने आए पहले हीट स्ट्रोक मामले ने अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, राजधानी में 21 और 22 मई को तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं 26 मई तक अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना जताई गई है।

बढ़ रही लू के मरीजों की संख्या

दिल्ली में लगातार बढ़ती गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी के अस्पतालों में हीट एग्जॉस्टशन यानी लू से प्रभावित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, सामान्य से अधिक तापमान और लगातार चल रही गर्म हवाओं के कारण लोगों में अत्यधिक थकावट, मांसपेशियों में ऐंठन, डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी), सुस्ती और शरीर में जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स के असंतुलन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक धूप में रहने, कम पानी पीने और शरीर को पर्याप्त आराम न मिलने से हीट एग्जॉस्टशन की स्थिति पैदा हो सकती है, जो गंभीर होने पर हीट स्ट्रोक में भी बदल सकती है।

हीट स्ट्रोक और हीट एग्जॉस्टशन से कैसे बचें?

तेज गर्मी और लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए, क्योंकि इस समय तापमान और गर्म हवाओं का असर सबसे ज्यादा होता है। इसके साथ ही हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनने तथा पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल सादा पानी ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय, ओआरएस, नींबू पानी, सूप और मौसमी फलों के रस का सेवन भी जरूरी है, ताकि शरीर में पानी और जरूरी लवणों का संतुलन बना रहे। डिहाइड्रेशन से बचाव करने पर शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और हीट एग्जॉस्टशन या हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों का खतरा कम हो जाता है।

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