आपराधिक अवमानना की कार्यवाही के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता एक बार फिर दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा (Swarn Kant Sharma) को लेकर विवादों में आ गए हैं। कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले के एक बेंच से दूसरी बेंच में ट्रांसफर होने के बाद AAP के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने जज स्वर्ण कांता शर्मा को लेकर टिप्पणी की, जो विवाद का कारण बन गई है। उनसे जब इस पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह “न्यायमूर्ति का सम्मान करेंगे, न्यायधर्मी का नहीं।” इस बयान के बाद न्यायपालिका को लेकर राजनीतिक बयानबाजी फिर चर्चा में आ गई है, जबकि संजय सिंह पहले से ही संजय सिंह और आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं के साथ अवमानना संबंधी कार्यवाही के दायरे में हैं।
कथित शराब घोटाले से जुड़े ट्रायल कोर्ट के फैसले को CBI द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दिए जाने के बाद मामला जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच के पास पहुंचा। इसके बाद AAP नेताओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए मामले को किसी अन्य बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की। चीफ जस्टिस द्वारा अरविंद केजरीवाल के पत्र पर कोई हस्तक्षेप न करने के बाद भी राहत नहीं मिली, और जस्टिस शर्मा ने स्वयं रीक्यूजल याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद AAP नेताओं ने कथित तौर पर उनके बहिष्कार की बात भी कही। इस बीच, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर नाराजगी जताई और इसे गंभीर मानते हुए अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह समेत छह नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया।
इस घटनाक्रम के बीच राज्यसभा सांसद संजय सिंह के बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में चल रही एक पदयात्रा के दौरान एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से जुड़े सवाल पर टिप्पणी की। जब उनसे केस से जज के खुद को अलग करने (recusal) की मांग को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा “न्यायमूर्ति और न्यायधर्मी में फर्क होता है।” आगे उन्होंने दोहराते हुए कहा कि वे “न्यायमूर्ति का सम्मान करेंगे, लेकिन न्यायधर्मी का नहीं।” यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अदालत पहले से ही इस मामले में सख्त रुख अपनाए हुए है और कथित तौर पर अदालत की कार्यवाही और न्यायाधीश के खिलाफ चल रहे सोशल मीडिया कैंपेन को लेकर आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू हो चुकी है।
साक्षात्कार के दौरान जब पत्रकार ने संजय सिंह को यह कहा कि उनकी टिप्पणी अदालत की अवमानना मानी जा सकती है, तब भी उन्होंने अपने रुख में बदलाव नहीं किया। जवाब में उन्होंने फिर कहा कि “हम न्यायमूर्ति का सम्मान करेंगे, न्यायाधर्मी का नहीं।” उन्होंने आगे यह भी कहा कि वे किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं ले रहे हैं, लेकिन “जो भी न्यायधर्मी होगा, हम उसका सम्मान नहीं कर पाएंगे।”
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