भिवानी के दो युवाओं ने आपातकालीन स्थिति में फंसे एक परिवार की मदद करते हुए समय पर रक्तदान किया है। युवाओं की इस तत्परता के कारण अस्पताल में भर्ती एक गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की जान सुरक्षित बच गई है।

अजय सैनी भिवानी। जो करते हैं रक्तदान, रक्तवीरों की यही पहचान। दान कर अपने रक्त को, बचाएं किसी की जान। इन प्रेरक पंक्तियों को चरितार्थ करते हुए भिवानी के रक्तवीरों ने एक बार फिर इंसानियत की एक अनूठी और बेहद खूबसूरत मिसाल पेश की है। शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल गांव ढ़ाबढ़ाणी निवासी एक गर्भवती महिला को अचानक बेहद आपातकालीन स्थिति में दो यूनिट फ्रैश होल ब्लड की सख्त जरूरत आन पड़ी थी। महिला के परिजनों ने खून की तत्काल व्यवस्था के लिए शहर में काफी भाग-दौड़ की, लेकिन जब कहीं भी ब्लड का इंतजाम नहीं हो पाया तो उन्होंने बिना वक्त गंवाए क्षेत्र के शतकवीर रक्तदाता राजेश डुडेजा से संपर्क साधा।

टीम के युवाओं ने किया रक्तदान

परिजनों की गुहार सुनने के बाद शतकवीर रक्तदाता राजेश डुडेजा ने बिल्कुल भी समय नहीं गंवाया। उन्होंने तुरंत अपनी सेवाभावी टीम के दो सबसे सक्रिय और ऊर्जावान सदस्यों राहुल प्रजापति और विवेक बजरंगी को अस्पताल के लिए रवाना कर दिया। दोनों रक्तवीरों ने तुरंत उस निजी ब्लड बैंक में पहुंचकर बिना किसी देरी के रक्तदान किया और समय रहते गर्भवती महिला व उसके होने वाले बच्चे की कीमती जान बचाने में एक सच्चे मसीहा की भूमिका निभाई। इस बेहद सराहनीय और पुण्य कार्य के बाद शतकवीर रक्तदाता राजेश डुडेजा ने गर्व से कहा कि हमारे रक्त की कुछ बूंदों से अगर किसी तड़पते इंसान की जिंदगी बचती है, तो इससे बड़ा काम नहीं है।

परिजनों ने जताया युवाओं का आभार

राजेश डुडेजा ने आगे कहा कि इंसानियत की सच्ची सेवा ही इस संसार की सबसे बड़ी पूजा है। हमारी टीम का हर एक सदस्य समाज के प्रति अपनी इस नैतिक जिम्मेदारी को हमेशा बखूबी समझता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि हमारी पूरी टीम चौबीसों घंटे पूरी तत्परता के साथ जरूरतमंदों की सेवा के लिए हमेशा तैयार खड़ी रहेगी। वहीं ऐन वक्त पर मिली इस अमूल्य और जीवनदायिनी मदद से भावुक हुए गर्भवती महिला के परिजनों ने रक्तदाता राहुल प्रजापति व विवेक बजरंगी के इस अद्भुत जज्बे की खुलकर सराहना की और उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। परिजनों ने कहा कि आज इन युवाओं की सजगता से ही खुशियाँ बची हैं।