भिवानी से सैकड़ों किसान और मजदूर संयुक्त किसान मोर्चा, एटक तथा सीटू के नेतृत्व में दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए रवाना हुए। किसान-मजबूर संगठनों ने अमेरिका व यूरोपियन यूनियन के साथ व्यापार समझौते रद्द करने और 10 अगस्त से जेल भरो आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।

अजय सैनी, भिवानी। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में अखिल भारतीय किसान सभा व संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा के घटक एटक व सीटू की ओर से सैकड़ों किसान और मजदूर अपनी मांगों के लिए आयोजित होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन (राष्ट्रीय कन्वेंशन) में शामिल होने के लिए भिवानी से रवाना हुए।

किसानों का प्रतिनिधित्व किसान सभा के जिला प्रधान रामफल देशवाल व जिला सचिव मास्टर जगरोशन तथा सीटू के सुखदेव पालवास व एटक के अम्रेश कुमार कर रहे थे।

किसान और मजदूरों की प्रमुख मांगे

नेताओं ने कहा कि यह राष्ट्रीय कन्वेंशन किसानों को लाभकारी दाम सी2+50 प्रतिशत देने, अमेरिका तथा अन्य यूरोपियन यूनियन देशों से किए जा रहे गैर-बराबरी समझौते रद्द करने, मजदूरों के कानून से संबंधित चार कोड रद्द करवाने, बिजली निजीकरण व स्मार्ट मीटर योजना रद्द करवाने, मजदूरों को न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रति माह करने, पुरानी पेंशन बहाल करने व सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण बंद करने जैसी मांगों के लिए आयोजित की जा रही है।

10 अगस्त से जेल भरो आंदोलन का ऐलान

नेताओं ने बताया कि अधिवेशन के बाद किसान, मजदूरों व कर्मचारियों की ओर से संयुक्त रूप से आगामी 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन शुरू होगा।

किसान सभा के जिला उपप्रधान कामरेड ओम प्रकाश ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने अपनी जन विरोधी नीतियां, निजीकरण व गैर-बराबरी आधारित विदेशी समझौते रद्द नहीं किए, तो देश में एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। जिस तरह तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए 13 महीने आंदोलन करना पड़ा था, उसी तर्ज पर इस आंदोलन में भी तमाम संगठनों के अलावा आम जनता शामिल होगी।

दिल्ली कन्वेंशन में शामिल होने वालों में किसान सभा के नेता अंतर कस्वा, कर्ण सिंह जैनावास, राजेश कुंगड़, संतोष देशवाल, करतार ग्रेवाल, सूबेदार धनपत, मन्दरूप यादव व प्रताप सिंह सिंहमार सहित सैकड़ों किसान शामिल थे।