भिवानी के पंडित सीताराम शास्त्री स्कूल की बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है। छात्राओं ने बास्केटबॉल और कराटे में स्वर्ण व रजत पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
अजय सैनी, भिवानी। स्थानीय महम गेट स्थित पंडित सीताराम शास्त्री गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने खेल जगत में एक बार फिर अपनी अद्भुत प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए विद्यालय और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उत्तराखंड के नैनीताल और हिमाचल प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में शानदार पदक जीतकर लौटीं विजेता छात्राओं का विद्यालय परिसर में पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। इन होनहार छात्राओं की इस ऐतिहासिक सफलता पर हरियाणा शेखावटी ब्रह्मचर्य आश्रम समिति के प्रशासक शुकदेव मुनि और विद्यालय की प्राचार्या सोनिया कौशिक ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसके साथ ही विनोद शर्मा ने भी विजेताओं को बधाई दी।
बास्केटबॉल और कराटे में स्वर्ण पदक
एक तरफ जहां बास्केटबॉल में छात्राओं ने अपनी रफ्तार और सटीक निशानों से विरोधियों को पस्त किया, वहीं दूसरी ओर कराटे चैंपियनशिप में अपने आत्मरक्षा के हुनर का शानदार प्रदर्शन किया। स्कूल की होनहार खिलाड़ी लक्षिता और सुहानी ने बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए अंडर-16 बास्केटबॉल टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। इसी ऊर्जा को बरकरार रखते हुए दोनों ने अंडर-18 वर्ग में भी शानदार खेल दिखाते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में आयोजित नेशनल कराटे चैंपियनशिप में दक्ष ने अपने शानदार दांव-पेच की बदौलत स्वर्ण पदक जीता, जबकि निहारिका ने कड़े मुकाबले में देश की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को मात देकर रजत पदक हासिल किया।
बेटियों को प्रोत्साहन देने की अपील
इस गौरवपूर्ण अवसर पर प्रशासक शुकदेव मुनि ने कहा कि आज हमारी इन बेटियों ने यह साबित कर दिया है कि अगर लड़कियों को सही अवसर और सही मार्गदर्शन मिले, तो वे आसमान की ऊंचाइयों को छू सकती हैं। वहीं छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए प्राचार्या सोनिया कौशिक ने कहा कि हमें अपनी छात्राओं लक्षिता, सुहानी, दक्ष और निहारिका पर बेहद गर्व है। यह सफलता उनके कोच, अभिभावकों और स्कूल स्टाफ के सामूहिक प्रयासों का सुंदर परिणाम है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय में मिठाई बांटकर सभी का मुंह मीठा कराया गया और भविष्य की सभी प्रतियोगिताओं में भी इसी तरह का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहराने का संकल्प लिया गया।

