अजय सैनी, भिवानी. शहर श्रीकृष्ण की लीलाओं के विभिन्न रंगों से सरोबार है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार सुबह से ही मंदिरों में पूजा, अर्चना और झाकियों का अवलोकन करने वालों का तांता शुरू हो गया। श्रीकृष्ण। जन्माष्टमी के अवसर पर जो लोग उपवास रखते हैं, उन्होंने विधिवत पूजा अर्चना की और उसके बाद अपने अनुष्ठान की अगली कड़ी को हाथ बढ़ाया।

शहर के वैधौ वाले राधा कृष्ण मंदिर, जोगी वाला मंदिर, जोहड़ी वाला हनुमान मंदिर, जहर गिरी आश्रम, शोलालपुरी मंदिर पूर्वानुमान मंदिर, पुराना हाउसिंग बोर्ड स्थित प्राचीन शिव मंदिर, कृष्णा कॉलोनी सनातन धर्म मंदिर, लालदास गोस्वामी मंदिर, कृष्णा कॉलोनी गोगा मेढ़ी मंदिर, प्राचीन संकट मोचन हनुमान मंदिर सहित सभी मंदिरों में श्रीकृष्ण की जीवन पर आधारित लीलाओं का वर्णन चित्रों व जातियों के माध्यम से किया गया है।

जहरगिरी आश्रम व जोहड़ी वाला हनुमान मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर काना की बाल लीलाओं पर आधारित नाटिकाओं व नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है।
शहर में मध्य रात्रि तक कार्यक्रम चलेंगे और इन कार्यक्रमों में श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित लीलाओं का मंचन किया जाएगा।