अजय सैनी, भिवानी. आमजन को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के दावे के साथ शुरू किया गया स्थानीय पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) अस्पताल आज खुद बीमार नजर आ रहा है। यह अस्पताल जनता के लिए राहत बनने के बजाय भारी परेशानियों का सबब बन चुका है। करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस इमारत में सुविधाओं का इस कदर अकाल है कि मरीजों को बुनियादी जांचों के लिए भी दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं।
कहने को तो यह एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल है, जहां सुपर-स्पेशलिटी सुविधाएं होनी चाहिए थीं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। अस्पताल में अल्ट्रासाऊंड, एक्स-रे, एमआरआई जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण और बुनियादी जांच सुविधाओं का भारी टोटा बना हुआ है। गंभीर रूप से बीमार और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को इन जांचों के लिए यहाँ से रेफर होकर पुराने नागरिक अस्पताल का रुख करना पड़ता है। एक ही शहर में एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के बीच मरीजों को एम्बुलेंस या ऑटो में चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे उनकी जान पर हर समय जोखिम बना रहता है।
अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि बहुमंजिला इमारत होने के बावजूद यहां लगी चार लिफ्टों में से केवल दो ही काम कर रही हैं। वर्किंग लिफ्टों पर भारी दबाव रहता है, जिसके कारण व्हीलचेयर और स्ट्रेचर पर ले जाने वाले गंभीर मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार मजबूरन तीमारदार अपने मरीजों को सीढिय़ों के रास्ते ले जाने को मजबूर होते हैं, जो बेहद दर्दनाक और निंदनीय है।
अस्पताल की इस बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर वेटरन संगठन भिवानी के प्रधान सूबेदार मेजर बिरेंद्र सिंह ग्रेवाल बामला ने तीखा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए एक बेहद कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है कि महान स्वतंत्रता सेनानी व हरियाणा केसरी पंडित नेकीराम शर्मा के नाम पर बना यह चिकित्सा महाविद्यालय उनके गौरवमयी नाम को धूमिल कर रहा है।
पंडित नेकीराम शर्मा ने देश और प्रदेश के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया, लेकिन उनके नाम पर बने इस संस्थान में आज गरीब जनता को बुनियादी इलाज तक नसीब नहीं हो रहा है। यह मैडिकल कॉलेज सिर्फ नाम का है, बाकी सभी जांच नागरिक अस्पताल में होते है तथा सुविधाओं की कमी होने के कारण मैडिकल कॉलेज में मरीजों को लंबी-लंबी कतारों में लगने को मजबूर होना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन पूरी तरह से कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। इस बदहाली की ओर किसी का कोई ध्यान नहीं है। दूर-दराज के गांवों से भारी उम्मीदें लेकर आने वाले गरीब मरीज और उनके परिजन यहाँ आकर इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं। अस्पताल में सुविधाएं न के बराबर हैं और रेफरल सिस्टम का खेल चल रहा है। वेटरन संगठन इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। भिवानी की जनता और विभिन्न सामाजिक संगठनों में इस अव्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश पनप रहा है। लोगों का कहना है कि यदि सरकार को केवल रेफर करने के लिए ही इतनी बड़ी इमारत बनानी थी, तो मेडिकल कॉलेज के नाम पर ढिंढोरा क्यों पीटा गया।

सूबेदार मेजर बिरेंद्र सिंह ग्रेवाल बामला और वेटरन संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज में एक्स-रे, एमआरआई जैसी सभी महत्वपूर्ण मशीनें चालू नहीं की गईं और बंद पड़ी लिफ्टों को ठीक कराकर डॉक्टरों व स्टाफ की कमी को पूरा नहीं किया गया, तो संगठन आम जनता को साथ लेकर सडक़ों पर उतरने और उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगा।
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