हेमंत शर्मा, इंदौर। Exclusive Story: धार भोजशाला मामले में इंदौर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने जा रहा है। मुस्लिम पक्ष से जुड़ी मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं हिंदू पक्ष की ओर से जितेंद्र सिंह ‘विशेन’ ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दी है।
क्या है कैविएट का मतलब
कैविएट दाखिल होने का सीधा मतलब यह है कि अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोई भी आदेश हिंदू पक्ष को सुने बिना जारी नहीं करेगा। हिंदू पक्ष ने कोर्ट से कहा है कि अगर मुस्लिम पक्ष हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देता है तो उन्हें पहले नोटिस दिया जाए और उनका पक्ष भी सुना जाए।
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हाईकोर्ट के फैसले के बाद बढ़ी हलचल
इंदौर हाईकोर्ट ने 15 मई 2026 को भोजशाला मामले में अहम फैसला सुनाया था। फैसले के बाद दोनों पक्षों में हलचल तेज हो गई थी। हिंदू पक्ष फैसले को अपनी बड़ी जीत बता रहा है, वहीं मुस्लिम पक्ष अब सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में जुट गया है।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल दस्तावेजों में क्या है
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल दस्तावेजों में मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी को याचिकाकर्ता बताया गया है। वहीं हिंदू पक्ष से जितेंद्र सिंह ‘विशेन’ को रिस्पॉन्डेंट और कैविएटर बनाया गया है। दस्तावेज में दोनों पक्षों के पते और वकीलों की जानकारी भी शामिल की गई है।
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वकालतनामा भी किया गया दाखिल
मामले में सुप्रीम कोर्ट में वकालतनामा और मेमो ऑफ पार्टीज भी दाखिल किए गए हैं। इससे साफ माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में बड़ी कानूनी लड़ाई देखने को मिल सकती है।

