मुजफ्फरनगर. यूपी में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को लेकर दिए गए कथित ‘चवन्नी’ वाले बयान पर सियासी घमासान तेज हो गया है. उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव से माफी मांगने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो जाट समाज इसका जवाब देगा.
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रविवार को मुजफ्फरनगर में एक सामाजिक कार्यक्रम में पहुंचे भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि जयंत चौधरी को लेकर की गई टिप्पणी से जाट समाज में भारी आक्रोश है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को इस तरह के बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.
‘माफी नहीं मांगी तो जाट समाज सिखाएगा सबक’
भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यदि अखिलेश यादव अपने बयान पर माफी नहीं मांगते हैं तो जाट समाज उन्हें सबक सिखाने का काम करेगा. उनके मुताबिक, यह केवल किसी एक नेता का मामला नहीं है, बल्कि पूरे समाज के सम्मान से जुड़ा मुद्दा है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेताओं को भाषा और बयानों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए. जयंत चौधरी और चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक विरासत को लेकर की गई टिप्पणी पर भी उन्होंने नाराजगी जताई.
चौधरी चरण सिंह की विरासत को लेकर भी उठाए सवाल
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सपा के प्रदेश अध्यक्ष की ओर से समाज और चौधरी चरण सिंह की विरासत को लेकर की गई टिप्पणियों से भी लोगों में नाराजगी है. उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह की विरासत से जुड़े लोग ही सपा की राजनीति और उसके इतिहास को अच्छी तरह समझते हैं. भूपेंद्र चौधरी ने सपा पर जातिवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब जनता समाजवादी पार्टी के राजनीतिक एजेंडे को अच्छी तरह समझ चुकी है. उन्होंने कहा कि पार्टी को अपने बयानों और राजनीतिक रवैये का खामियाजा भुगतना पड़ेगा.
सपा सरकार पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोप
भूपेंद्र चौधरी ने वर्ष 2012 से 2017 के बीच रही सपा सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में प्रदेश में गुंडागर्दी, अराजकता, भ्रष्टाचार और जमीनों पर कब्जे की शिकायतें सामने आती थीं. उन्होंने सरकारी नौकरियों में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए.
मंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता अब इस तरह की राजनीति और भाजपा सरकार के कार्यकाल के बीच का अंतर समझ चुकी है. उन्होंने सपा नेताओं के कुछ बयानों का हवाला देते हुए पार्टी की राजनीतिक सोच पर भी सवाल उठाए. मंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब अराजकता और जातिवाद की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है.
चीनी के दाम और 2027 के चुनाव पर भी बोले
चीनी की कीमतों से जुड़े सवाल पर भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में बढ़ोतरी और उत्पादन पर असर का प्रभाव देखने को मिला है. उन्होंने कहा कि अच्छी बारिश के कारण आने वाले समय में गन्ने और चीनी का उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है. आगामी राजनीतिक मुकाबले को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा अपने संगठन, कार्यकर्ताओं और सरकार के विकास कार्यों के आधार पर जनता के बीच जाएगी.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए कामों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखा जाएगा. अब अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ वाले बयान को लेकर भूपेंद्र चौधरी के तीखे तेवर के बाद पश्चिमी यूपी की सियासत में यह विवाद और बढ़ने के आसार हैं.

