हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राम मंदिर चंदा विवाद और कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में कराने की बड़ी मांग उठाई है।
रोहतक। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रोहतक स्थित अपने निजी आवास पर आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता के दौरान राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर भाजपा सरकार पर बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस पूरे मामले को करोड़ों लोगों की गहरी आस्था से जुड़ा हुआ संवेदनशील विषय बताया और सरकार की नियत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हुड्डा ने साफ तौर पर कहा कि जब मंदिर से जुड़े कोषाध्यक्ष खुद इस पूरे मामले को सरेआम डाका बता चुके हैं, तो फिर भाजपा के नेताओं द्वारा लगातार इस पर बेफालतू की सफाई देने का कोई औचित्य नहीं बनता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भगवान राम किसी एक राजनीतिक दल के नहीं बल्कि हम सबके आराध्य हैं, इसलिए इसमें भाजपा को ठेकेदारी दिखाने का कोई हक नहीं है।
राम मंदिर चंदा विवाद पर निष्पक्ष जांच
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस पूरे मामले की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त जज की सीधी निगरानी में उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक आर्थिक अनियमितता का सामान्य मामला नहीं है, बल्कि देश की जनता के पवित्र विश्वास के साथ हुआ बहुत बड़ा विश्वासघात है। हुड्डा ने जोर देते हुए कहा कि इस बड़ी जांच से देश के सामने पूरी सच्चाई आ जाएगी, जिससे कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा और किसी निर्दोष को परेशानी नहीं होगी। उन्होंने भाजपा से इस मुद्दे पर तुरंत जवाब देने और जनता की शंकाओं को दूर करने की बात कही है।
रोजगार परीक्षा और कानून व्यवस्था पर घेरा
राम मंदिर के अलावा भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा की एचटीईटी (HTET) परीक्षा में हुए बड़े घपले का आरोप लगाते हुए युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के लिए सरकार को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अध्यापकों के खाली पदों को भरने की नीयत ही नहीं रखती है और युवाओं को सिर्फ बड़ी घोषणाओं के जाल में बरगला रही है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में तेजी से बढ़ती आपराधिक घटनाओं और बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है। हुड्डा ने कहा कि आज राज्य का आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है, क्योंकि अपराधों पर नियंत्रण पाने में यह सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
किसान और गंभीर पेयजल संकट का मुद्दा
अपने बयान के आखिरी हिस्से में पूर्व मुख्यमंत्री ने हरियाणा के किसानों और आम जनता को मिल रही मूलभूत सुविधाओं की बदहाली का मुद्दा भी बेहद प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के अनेकों इलाकों में जनता बूंद-बूंद पानी और पर्याप्त पेयजल संकट से बुरी तरह जूझ रही है, जबकि देश का अन्नदाता किसान अपनी फसलों के सही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए लगातार संघर्ष करने को मजबूर है। हुड्डा ने दावा किया कि विकास, रोजगार, शिक्षा, कृषि और सुरक्षा जैसे हर महत्वपूर्ण क्षेत्र में इस सरकार की नीतियां पूरी तरह विफल हो चुकी हैं और अब जनता इस जनविरोधी व्यवस्था से पूरी तरह निराश होकर बदलाव चाहती है।

