अनिल शर्मा ,चंडीगढ़। पत्रकारों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से Media Well Being Association (एमडब्ल्यूबी) ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। संगठन ने पत्रकार कल्याण योजनाओं को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नई पात्रता एवं उपस्थिति संबंधी शर्तें लागू की हैं।
सदस्यता और बीमा पूरी तरह निःशुल्क
एमडब्ल्यूबी के उत्तर भारत के उपाध्यक्ष पवन चोपड़ा ने बताया कि संस्था अपनी स्थापना से ही पत्रकारों से सदस्यता, पंजीकरण या बीमा के नाम पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लेती है। संगठन की सभी कल्याणकारी योजनाएं पात्र पत्रकारों को पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।
आवेदन के लिए ये दस्तावेज होंगे जरूरी
बीमा और सदस्यता लाभ प्राप्त करने के इच्छुक पत्रकारों को आवेदन पत्र के साथ अधिकृत अथॉरिटी लेटर या वैध प्रेस आईडी कार्ड,आधार कार्ड की प्रति,पैन कार्ड की प्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा।साथ ही, भविष्य में किसी भी आवेदन को संबंधित जिलाध्यक्ष की अनुशंसा के बिना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जहां जिलाध्यक्ष नहीं, वहां बनेगी अनुमोदन समिति
जिन जिलों में जिलाध्यक्ष नियुक्त नहीं हैं, वहां तीन सदस्यीय अनुमोदन समिति की स्वीकृति आवश्यक होगी। समिति में मेवा सिंह राणा (संगठन मंत्री),विनोद लाहोट (महासचिव),के.सी. आर्य (सह सचिव) शामिल होंगे। आवेदन पर इनमें से किसी एक पदाधिकारी के हस्ताक्षर आवश्यक होंगे।
एक साल बाद मिलेगा 10 लाख का दुर्घटना बीमा
कार्यकारिणी की बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रांत स्तरीय कार्यक्रमों में कम से कम 50 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले पत्रकारों को संगठन से जुड़ने के एक वर्ष बाद 10 लाख रुपये की निःशुल्क दुर्घटना बीमा पॉलिसी प्रदान की जाएगी।
तीन साल बाद टर्म इंश्योरेंस का लाभ
जो सदस्य लगातार सक्रिय रहेंगे और 50 प्रतिशत उपस्थिति बनाए रखेंगे, उन्हें संगठन में तीन वर्ष पूर्ण होने पर 10 लाख रुपये की निःशुल्क टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी उपलब्ध कराई जाएगी।
एमडब्ल्यूबी ने यह भी निर्णय लिया है कि पांच वर्ष तक संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी और निर्धारित उपस्थिति मानदंड पूरा करने वाले पत्रकारों को 33 लाख रुपये तक की निःशुल्क कैशलेस हेल्थ मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी प्रदान की जाएगी।
बीमा नवीनीकरण के लिए भी जरूरी होगी सक्रियता
बैठक में यह भी तय किया गया कि पहले से बीमा लाभ ले रहे सदस्यों को भी संगठनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी बनाए रखनी होगी। यदि कोई सदस्य अपने राज्य या अन्य राज्यों में आयोजित कार्यक्रमों में 50 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज नहीं कराता है, तो उसकी बीमा पॉलिसी के अगले वर्ष के नवीनीकरण पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
बीमा मामलों की निगरानी करेगी विशेष समिति
बीमा पात्रता, नवीनीकरण और उपस्थिति से जुड़े मामलों की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसके अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र मेहता होंगे, जबकि भुवनेश झंडई और तरुण कपूर को सदस्य बनाया गया है।
एमडब्ल्यूबी का मानना है कि यह पहल केवल बीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पत्रकारों की संगठनात्मक भागीदारी और एकजुटता को भी मजबूत करेगी। संगठन के इन फैसलों को पत्रकार कल्याण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

