कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। जिले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी मांगने वाले मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने उत्तर प्रदेश के वृंदावन से व्हाट्सएप प्रोफाइल तैयार कर महज चार दिनों के भीतर बिहार के अलग-अलग जिलों के प्रतिष्ठित लोगों और जनप्रतिनिधियों से कुल 3 करोड़ रुपये की रंगदारी मांग ली थी। मुजफ्फरपुर और पटना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद इस बड़े मामले का खुलासा हुआ है।

​किन-किन लोगों से मांगी गई थी रंगदारी?

​हाल के दिनों में लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर जिले में कई सनसनीखेज मामले सामने आए थे, जिसके तहत कुल तीन अलग-अलग थानों में मामले दर्ज किए गए थे:

  • ​रंजीत साहनी (भाजपा नेता एवं पूर्व जदयू अध्यक्ष): इनसे 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी, जिसके संबंध में ब्रह्मपुरा थाना (कांड संख्या 224/26) में मामला दर्ज हुआ था।
  • ​इंजीनियर राजेश साहनी (साहेबगंज जिला परिषद सदस्य एवं निजी स्कूल संचालक): इनसे 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी, जिसे लेकर साहेबगंज थाना (कांड संख्या 644/26) में केस दर्ज कराया गया था।
  • ​कृष्ण मुरारी (बिहार सरकार के मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के पुत्र): इनसे 50 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की गई थी, जिसके लिए सदर थाना (कांड संख्या 700/26) में मामला दर्ज हुआ था।

​पटना और परवत्ता कनेक्शन

​मामले की गंभीरता को देखते हुए सीनियर एसपी कांतेश मिश्रा ने विशेष टीम का गठन किया था। इसमें सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के अनुश्रवण और नगर-2 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि इसी आरोपी द्वारा लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर परवत्ता के पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार से भी 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी, जिसकी एफआईआर 25 जुलाई को पटना के कंकड़बाग थाने में दर्ज कराई गई थी।

​ऐसे रची गई साजिश और हुई गिरफ्तारी

​मुजफ्फरपुर और पटना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 27 जुलाई को मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना क्षेत्र से आरोपी कन्हाई सहनी को धर दबोचा। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि पूछताछ में खुलासा हुआ कि कन्हाई सहनी उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित एक होटल में काम करता था। उसने होटल मालिक के मोबाइल नंबर का उपयोग करके 4 जुलाई 2026 को लॉरेंस बिश्नोई के नाम से फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल तैयार किया था।
​वृंदावन से मुजफ्फरपुर लौटने के बाद उसने चार दिनों के भीतर कुल चार लोगों (तीन मुजफ्फरपुर और एक पटना) से कुल 3 करोड़ रुपये की रंगदारी मांग ली। वह व्हाट्सएप कॉल के जरिए पीड़ितों को पूरे परिवार समेत हत्या या अपहरण करने की धमकी दे रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से रंगदारी मांगने में प्रयुक्त मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया है। फिलहाल, मुजफ्फरपुर पुलिस पूछताछ कर रही है, जिसके बाद पटना पुलिस भी उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।