राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार को लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा। रिपोर्ट के अनुसार इस दुर्घटना में करीब 21 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि दमकल विभाग को आग लगने की सूचना सुबह करीब 9 बजे मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर भेजी गईं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोग इमारत के अंदर फंस गए। जान बचाने के लिए कुछ लोगों ने ऊपरी मंजिलों से छलांग भी लगाई। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर बचाव में मदद की और नीचे गद्दे बिछाकर कुछ लोगों की जान बचाने की कोशिश की। घटना के बाद दमकल, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया गया। कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

दमकल विभाग के अनुसार, आग लगने की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस ने तत्काल कार्रवाई की। घटनास्थल पर शुरुआती रूप से दो वॉटर टेंडर, दो वॉटर बाउजर, एक क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल (QRV) और अन्य अग्निशमन यूनिट्स भेजी गईं। बाद में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुल दस दमकल गाड़ियां मौके पर लगाई गईं। राहत अभियान के दौरान दमकलकर्मियों ने इमारत में फंसे करीब 35 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से कई लोग ऊपरी मंजिलों और बेसमेंट में फंसे हुए थे। जानकारी के मुताबिक, इमारत में कुछ विदेशी नागरिक भी ठहरे हुए थे, जो पास के अस्पताल में अपने परिजनों के इलाज के सिलसिले में आए हुए थे। अचानक लगी आग के कारण अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।

सूत्रों के अनुसार, जिस होटल/रेस्टोरेंट परिसर में आग लगी, उसके पास केवल 6 कमरों के संचालन का B2B लाइसेंस था, लेकिन इमारत के अंदर कथित तौर पर 25 से अधिक कमरे बनाए गए थे। यह स्पष्ट होने पर मामला गंभीर नियम उल्लंघन की ओर संकेत करता है, जिसकी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि इमारत से बाहर निकलने के लिए सिर्फ एक ही निकास मार्ग था, जिससे आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने में भारी दिक्कत हुई। इसी दौरान कई लोग अंदर फंस गए।

जानकारी के मुताबिक, कुछ लोग बेसमेंट में भी मौजूद थे, जहां स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बेसमेंट के बाहरी गेट पर ताला लगा हुआ था, जिससे अंदर फंसे लोगों के बाहर निकलने में बाधा आई। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। स्थानीय लोगों और बचाव दल ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोग घबराकर इमारत से कूदने को मजबूर हो गए। आसपास के लोगों ने सड़क पर गद्दे और अन्य साधन रखकर कुछ लोगों की जान बचाने में मदद की।

हादसे के बाद का भयानक वीडियो

रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग के बाद कई चौंकाने वाले वीडियो सामने आए हैं, जिनमें लोग अपनी जान बचाने के लिए इमारत की रेलिंग और ऊपरी मंजिलों से कूदते नजर आ रहे हैं। आग इतनी भयावह थी कि दूर-दूर तक काला धुआं दिखाई दे रहा था और इलाके में दहशत फैल गई। रिपोर्टों के अनुसार, जिस इमारत में आग लगी थी वहां केवल रेस्टोरेंट ही नहीं, बल्कि रुकने (स्टे) की भी व्यवस्था थी। इसी कारण कुछ विदेशी नागरिक भी वहां ठहरे हुए थे, जो हादसे की चपेट में आ गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दमकलकर्मियों ने राहत एवं बचाव कार्य के दौरान बेसमेंट से तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा। उस समय उनकी स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई थी।

40 से ज्यादा लोगों को बचाया

डीसीपी साउथ अनंत मित्तल के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 8:48 बजे सामने आई, जिसके बाद तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और शुरुआती चरण में 8 दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई। साथ ही इमारत के भीतर फंसे लोगों को निकालने का अभियान भी तुरंत शुरू कर दिया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, राहत एवं बचाव अभियान के दौरान इमारत से 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। हालांकि, इस हादसे में 21 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। घटनास्थल पर दमकल विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं। इमारत की तलाशी और कूलिंग ऑपरेशन भी जारी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और व्यक्ति अंदर न फंसा हो।

अफ्रीकी देशों के नागरिक भी हादसे का शिकार

अग्निकांड में मृतकों और घायलों में कई विदेशी नागरिकों के शामिल होने की बात सामने आई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इनमें अधिकतर अफ्रीकी देशों के नागरिक बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये विदेशी नागरिक अपने परिजनों के इलाज के लिए दिल्ली आए थे और पास स्थित अस्पताल में उपचार के चलते उन्होंने इसी क्षेत्र के एक स्टे/होटल में ठहराव किया था। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया।

हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने बड़ी संख्या में लोगों को इमारत से सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए और कुछ की मौत हो गई। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। अधिकारियों के अनुसार, घटना में प्रभावित लोगों की सही पहचान और राष्ट्रीयता की पुष्टि की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन का कहना है कि सभी पीड़ितों को आवश्यक चिकित्सा सहायता दी जा रही है और विदेशी नागरिकों के मामलों में संबंधित दूतावासों से भी संपर्क किया जा रहा है।

इमारत से कूदे कई लोग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग घबराकर तीसरी मंजिल से नीचे कूद गए। इसी दौरान स्थानीय निवासियों ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए नीचे गद्दे और अन्य सामग्री बिछाई, ताकि कूदने वालों की जान बचाई जा सके। स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग के पहुंचने से पहले ही कई लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की और घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाने में भी मदद की। राहत और बचाव टीमों के साथ मिलकर उन्होंने फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।

कैसे लगी आग?

मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड में आग लगने के कारणों को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शुरुआती जानकारी के आधार पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। मौके पर पहुंचे सोमनाथ भारती ने कहा कि प्रारंभिक तौर पर आग होटल के सामने लगे तारों के जाल में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है। उनके अनुसार, आग पहले बाहरी हिस्से में फैली और फिर धीरे-धीरे किचन तक पहुंच गई, जिसके बाद पूरी इमारत तेजी से लपटों की चपेट में आ गई। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

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