चंडीगढ़. खालिस्तानी समर्थक और आतंकी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया (को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है। पंजाब पुलिस के डीजीपी ने इसे बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि पासिया की गिरफ्तारी पंजाब पुलिस के इनपुट और लगातार प्रयासों का नतीजा है। डीजीपी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर बताया कि पासिया को भारत लाने के लिए डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अमेरिका की इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट ने काउंटर इंटेलिजेंस की सूचना के आधार पर पासिया को हिरासत में लिया। पंजाब पुलिस ने लंबे समय से पासिया की गतिविधियों पर नजर रखी थी और उसकी जानकारी अमेरिकी एजेंसियों व भारत सरकार के साथ साझा की थी। डीजीपी ने बताया कि पासिया पाकिस्तान में रहने वाले आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा और ISI के इशारे पर पंजाब में आतंकी घटनाओं को अंजाम दे रहा था।
आतंकी गतिविधियां
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पासिया ने पंजाब में 14 से अधिक आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया, जिनमें पुलिस स्टेशनों पर ग्रेनेड हमले शामिल हैं।

इन वारदातों को दिया अंजाम
11 सितंबर 2024: चंडीगढ़ के सेक्टर-10 में कोठी नंबर 575 पर ग्रेनेड हमला। हमलावर रोहन और विशाल मसीह थे, जिन्हें पासिया ने सोशल मीडिया (Social Media) के जरिए निर्देश दिए। हथियार रिंदा ने उपलब्ध कराए।
24 नवंबर 2024: अमृतसर के अजनाला पुलिस स्टेशन के बाहर RDX लगाया गया, जो फटा नहीं। पासिया ने इसकी जिम्मेदारी ली।
27 नवंबर 2024: अमृतसर के गुरबख्श नगर में बंद पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमला।
2 दिसंबर 2024: नवांशहर के काठगढ़ पुलिस स्टेशन पर ग्रेनेड धमाका।
13 दिसंबर 2024: गुरदासपुर के अलीवाल बटाला पुलिस स्टेशन पर ग्रेनेड हमला।
17 दिसंबर 2024: अमृतसर के इस्लामाबाद पुलिस स्टेशन पर ग्रेनेड हमला।
18 दिसंबर 2024: गुरदासपुर के बख्शीवाल चौकी पर ऑटो पर ग्रेनेड हमला।
- कांग्रेस नेता की हत्या की साजिश: सुपारी देने वाले मुख्य आरोपी गिरफ्तार, मॉर्निंग वॉक के दौरान किया गया था हमला
- भ्रम ना फैलाएं… राष्ट्रगान वाले वीडियो पर सतीश महाना की सफाई, कहा- भ्रामक विशलेषण किया जा रहा है
- रीवा को CM मोहन यादव की सौगात! आचार्य नगर से अमहिया नाले तक निर्माण की घोषणा, जानिए पूरी योजना
- दर्दनाक हादसा: बड़ा तालाब में डूबे तीन बच्चे, जान जोखिम में डालकर युवक ने दो को बचाया, एक मासूम की मौत
- निशांत कुमार के सीतामढ़ी दौरे पर हंगामा, कार्यकर्ताओं ने लगाए नीतीश-निशांत मुर्दाबाद के नारे

