कुंदन कुमार, पटना। बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के बढ़ते चलन और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) राज्य के प्रमुख शहरों और राजमार्गों पर आधुनिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने जा रही है। केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत यह पहल शुरू की गई है, जिसके तहत राज्य के कुल 23 जिलों में 129 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इस परियोजना से जुड़ी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
पहले चरण में 6 जिलों की 72 जगहों पर सर्वे शुरू
योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए चिह्नित स्थलों पर भेल की विशेष टीम ने साइट सर्वे का काम शुरू कर दिया है, जो निर्धारित समयानुसार 20 अगस्त तक पूरा किया जाएगा। पहले चरण के अंतर्गत राज्य के छह प्रमुख जिलों पटना, गयाजी, वैशाली, पूर्णिया, नालंदा और छपरा की कुल 72 जगहों का सर्वे किया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर उपयुक्त स्थलों का अंतिम चयन कर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
उच्चस्तरीय बैठक और 2000 करोड़ का बजट प्रावधान
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर विश्वेश्वरैया भवन में परिवहन सचिव राज कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारी उद्योग मंत्रालय के निदेशक अमरेंद्र किशोर सिंह और भेल के महाप्रबंधक जेके पटनायक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
यह परियोजना केंद्र सरकार की ‘पीएम ई-ड्राइव’ (पीएम रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट) योजना के अंतर्गत आती है, जिसे सितंबर 2024 में 10,900 करोड़ के कुल बजट के साथ अधिसूचित किया गया था। इस संपूर्ण बजट में से केवल सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के विकास के लिए 2000 करोड़ का बड़ा प्रावधान किया गया है।
तकनीकी पहलुओं और सुविधाओं की हो रही जांच
साइट सर्वे के दौरान भेल की टीम कई महत्वपूर्ण तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर फोकस किया जा रहा है:
- प्रस्तावित स्थलों की भौगोलिक और व्यावहारिक उपयुक्तता
- निर्बाध विद्युत (पावर) कनेक्टिविटी की उपलब्धता
- वाहनों के आने-जाने और पहुंच (एक्सेस) की सुगमता
- चार्जिंग स्टेशन के निर्माण के लिए जमीन की उपलब्धता
राजमार्गों और शहरी क्षेत्रों पर रहेगा विशेष जोर
पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत बनने वाले ये चार्जिंग स्टेशन मुख्य रूप से प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों (हाईवे) के साथ-साथ घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में खोले जाएंगे। इससे लंबी दूरी तय करने वाले इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को काफी सहूलियत मिलेगी और ‘रेंज एंग्जायटी’ की समस्या दूर होगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। भारी उद्योग मंत्रालय के निदेशक अमरेंद्र किशोर सिंह ने कहा कि यह कदम न केवल बिहार में स्वच्छ और हरित परिवहन को मजबूत करेगा, बल्कि देशव्यापी ईवी इकोसिस्टम को भी सुदृढ़ बनाएगा।
वायु प्रदूषण नियंत्रण और ई-बसों का संचालन
राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में आगामी मार्च तक पूरे राज्य में लगभग 400 पीएम ई-बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए हर साल इसमें 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में पटना सहित बिहार के सभी जिलों में ई-स्कूटी और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। जनता को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से ईवी की खरीद पर आकर्षक सब्सिडी भी दी जा रही है।


