Bihar News: बिहार के चर्चित चारा घोटाला मामले में पूर्व सीएम और राजद सुप्रीमो लालू यादव को बड़ी राहत मिली है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने ईडी द्वारा दायर की गई उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें लालू यादव के जमानत को रद्द करने और सजा पर लगी रोक को हटाने की मांग की गई थी।

6 महीने में सुनवाई पूरी करने का निर्देश

वहीं, ईडी द्वारा जमानत रद्द करने वाली दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, इतने लंबे समय से चली आ रही जमानत में दखल देना उचित नहीं होगा। इसके साथ ही कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि अगले 6 महीने के अंदर चारा घोटाला मामले में दोषी करार दिए गए लालू यादव समेत अन्य आरोपियों की सजा के खिलाफ दायर अपील की सुनवाई पूरी करे।

लालू यादव ने हाईकोर्ट में दायर की है अपील

लालू यादव की जमनात रद्द करने से इंकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को यह निर्देश दिया की वह इस मामले में जल्द से जल्द सजा के खिलाफ दायर की गई अपील पर सुनवाई करे। बता दें कि चारा घोटाला मामले में लालू यादव व अन्य को साल 2018 में दोषी करार दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने कुछ दिन जेल में भी बिताया था। इसके बाद उन्होंने अपनी सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, जो अब तक लंबित है।

क्या था चारा घोटाला?

चारा घोटाला को बिहार का सबसे बड़ा घोटाला कहा जाता है। इसमें पशुपालन विभाग के नाम पर सरकारी खजाने से फर्जी बिलों के जरिए करीब 950 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई थी, जिस वजह से इसे चारा घोटाला नाम दिया गया। यह घोटाला 1996 में तब सामने आया, जब चाईबासा के उपायुक्त अमित खरे ने पशुपालन विभाग के दफ्तरों पर छापा मारा और फर्जी दस्तावेजों का खुलासा किया था।

इसमें नकली पशुओं और चारा आपूर्ति के बहाने कोषागार यानी सरकारी खजाने से पैसे निकाले गए। चारा घोटाले का मुख्य आरोपी लालू यादव (जो उस समय बिहार के मुख्यमंत्री थे) को बनाया गया। उनके अलावा इस घोटाले में कई नेताओं, अधिकारी और आपूर्तिकर्ता के नाम भी शामिल थे, जिनमें से कई बरी हुए और कई दोषी पाए गए।

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