कुंदन कुमार/ पटना। ​बिहार सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे और जनहित से जुड़ी सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। आज आयोजित कैबिनेट की बैठक में कुल 22 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई जो राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े बदलाव के संकेत हैं।

​AIIMS पटना का होगा विस्तार: 348.90 करोड़ की मंजूरी

​राज्य मंत्रिपरिषद ने पटना स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के विस्तार को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इस परियोजना के लिए दानापुर के मौजा-भूसौला में 26.76 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इस विशेष कार्ययोजना पर लगभग 348.90 करोड़ की लागत आएगी।
​इस विस्तार का सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा। सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं के विस्तार से मरीजों को एक ही परिसर में आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ होंगी। साथ ही, यह विस्तार चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी नई गति लाएगा, जिससे समग्र रूप से बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था अत्यधिक सशक्त और सक्षम बनेगी।

​शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल: तीन जिलों में खुलेंगे केंद्रीय विद्यालय

​गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर स्तर तक पहुंचाने के संकल्प के साथ, कैबिनेट ने मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर जिलों में केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन जिलों में प्रत्येक में 5-5 एकड़ भूमि केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) को उपलब्ध कराई जाएगी। यह भूमि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय को महज 1 के टोकन लीज मूल्य पर 30 वर्षों की अवधि के लिए दी जाएगी, जिसमें लीज नवीकरण का विकल्प भी शामिल है। यह कदम राज्य के छात्रों के लिए आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के द्वार खोलेगा।

​हरित ऊर्जा की ओर कदम: 500 मेगावाट सोलर प्लांट को मंजूरी

​राज्य सरकार ने जल-जीवन-हरियाली अभियान को और अधिक प्रभावी बनाते हुए एक दूरदर्शी निर्णय लिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक की अवधि के लिए सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्ट रूफ-टॉप सोलर प्लांट लगाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस पहल से न केवल सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा, बल्कि राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोतों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पर्यावरण संरक्षण और बिजली की बचत की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
​बिहार कैबिनेट के ये निर्णय स्पष्ट करते हैं कि राज्य सरकार जनसुविधाओं के विस्तार और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को लेकर पूरी तरह तत्पर है। स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर शिक्षा और पर्यावरण तक, इन फैसलों का प्रभाव आने वाले वर्षों में राज्य के विकास पर सकारात्मक रूप से दिखाई देगा।