कुंदन कुमार, पटना। बिहार सरकार ने राज्य के विकास और बुनियादी ढांचों को मजबूत करने के लिए कई बड़े और अहम फैसले लिए हैं। हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 27 एजेंडों पर मुहर लगाई गई है, जिनमें उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क परिवहन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। इन फैसलों से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ-साथ आम नागरिकों को भी कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी।
बरौनी में 700 एकड़ में विकसित होगा नया इंडस्ट्रियल एरिया
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए बिहार सरकार ने बेगूसराय जिले के बरौनी में एक विशाल इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उद्योग विभाग को 700 एकड़ सरकारी जमीन मुफ्त में आवंटित करने की मंजूरी दे दी गई है। इस कदम से राज्य में नए उद्योगों के आने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होने की पूरी उम्मीद है।
अरवल में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का निर्माण
स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से अरवल जिले के करपी अंचल में 25 एकड़ सरकारी जमीन स्वास्थ्य विभाग को मुफ्त में दी गई है। इस जमीन पर एक आधुनिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का निर्माण किया जाएगा, जिससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को इलाज के लिए दूरदराज के शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा।
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना अगले पांच साल के लिए बढ़ी
उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत की खबर है कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अगले पांच वर्षों यानी 2026-27 से 2030-31 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इस योजना के तहत छात्रों को बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से 4 लाख रुपए तक का शिक्षा लोन पहले की तरह ही आसानी से मिलता रहेगा, जिससे आर्थिक तंगी के कारण किसी भी छात्र की पढ़ाई न रुके।
बिहार की सड़कों और पुलों पर जल्द लगेगा टोल टैक्स
राज्य के सड़क नेटवर्क को और सुदृढ़ करने और उसके रखरखाव के लिए अब बिहार की प्रमुख सड़कों और पुलों पर टोल टैक्स वसूला जाएगा। इसकी कार्ययोजना तैयार करने के लिए एक सलाहकार कंपनी की मदद ली जाएगी, जिस पर 30.95 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। पहले चरण में राज्य के 55 स्टेट हाईवे और 250 मीटर से अधिक लंबे 47 बड़े पुलों को इसके लिए चिन्हित किया गया है।
नेहरू पथ का होगा चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण
पटना में यातायात को सुगम बनाने के लिए डाकबंगला चौराहा से रुकनपुरा तक के 7.20 किलोमीटर लंबे नेहरू पथ को चौड़ा किया जाएगा। इस परियोजना पर 39.80 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके तहत कोतवाली थाना, नियोजन भवन, BPSC ऑफिस और मौर्य लोक के पास सड़कों की दीवारों को पीछे किया जाएगा। साथ ही, लोहिया पथ फ्लाईओवर के दोनों तरफ सर्विस लेन में अतिक्रमण रोकने के लिए 5 किलोमीटर लंबी ग्रिल लगाई जाएगी।
सिविल कोर्ट के कर्मियों के पदों का पुनर्गठन
न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सुचारू रूप से चलाने के लिए सिविल कोर्ट के कर्मचारियों के विभिन्न पदों का पुनर्गठन किया गया है। इसके तहत अब ग्रेड-3 के 4,951 पद, ग्रेड-2 के 1,478 पद और ग्रेड-1 के 1,098 पद निर्धारित किए गए हैं, जिससे कोर्ट के प्रशासनिक कामकाज में और अधिक तेजी आएगी।
अन्य प्रमुख फैसले और कल्याणकारी योजनाएं
कैबिनेट की बैठक में समाज कल्याण, पशुपालन और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अन्य निर्णय भी लिए गए हैं। पूर्णिया और गया में दिव्यांग तथा मानसिक रूप से बीमार महिलाओं और पुरुषों के लिए 50-50 क्षमता वाले दो नए आश्रय गृह बनाए जाएंगे, जिनके संचालन पर प्रतिवर्ष 1.44 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा, सीतामढ़ी में परसौनी और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन के बीच लेवल क्रॉसिंग संख्या-56 पर 110.42 करोड़ रुपए की लागत से रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण किया जाएगा। वहीं, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘सात निश्चय-3’ के तहत बिहार राज्य नारी पशुपालक सहकारी संघ (फेडरेशन) बनाने की मंजूरी दी गई है, जिस पर 14.79 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके साथ ही राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत बछिया और पाड़ी पालन केंद्र स्थापित करने की योजना को भी हरी झंडी मिल गई है।



