पटना। बिहार की सियासत में आगामी 7 मई को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार ने हलचल पैदा कर दी है। इस रेस में सबसे प्रमुख नाम शिवहर से पूर्व विधायक और वर्तमान में नवीनगर से जदयू विधायक चेतन आनंद का चल रहा है। इस चर्चा के बीच उनके पिता और पूर्व सांसद आनंद मोहन ने बेटे की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है।

​’चेतन ने संकट में बचाई थी सरकार’

​आनंद मोहन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दुनिया जानती है कि बिहार सरकार को स्थिरता देने में चेतन आनंद की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा, “फ्लोर टेस्ट के दौरान राजनीतिक परिस्थितियों के उस कठिन दौर में चेतन ने जो सक्रिय भूमिका निभाई, उसी की वजह से सरकार सुरक्षित रही।” आनंद मोहन का यह बयान सीधे तौर पर नेतृत्व को उस ‘एहसान’ की याद दिलाना है, जिसने एनडीए सरकार की नींव मजबूत की थी। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंतिम फैसला पूरी तरह नेतृत्व का है।

​ममता बनर्जी और विपक्षी एकजुटता पर कटाक्ष

​पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए आनंद मोहन ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी विपक्षी दलों को एकजुट रखने में पूरी तरह विफल रहीं। कांग्रेस और वामपंथी दलों के साथ उनके निरंतर टकराव ने विपक्ष को कमजोर किया। उन्होंने बंगाल की जनता के फैसले का स्वागत करते हुए उन्हें बधाई भी दी।

​चेतन आनंद का राजनीतिक सफर: राजद से जदयू तक

​बाहुबली नेता आनंद मोहन और लवली आनंद के पुत्र चेतन आनंद ने 2015 में जीतन राम मांझी की पार्टी के छात्र विंग से राजनीति शुरू की थी।

  • ​2020: राजद के टिकट पर शिवहर से पहली बार विधायक बने।
  • ​फरवरी 2024: फ्लोर टेस्ट के दौरान राजद का साथ छोड़ एनडीए को समर्थन दिया और बाद में जदयू में शामिल हो गए।
  • ​2025: औरंगाबाद की नबीनगर सीट से जदयू के टिकट पर चुनाव लड़कर राजद उम्मीदवार को मात दी और विधानसभा पहुंचे।