सारण। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनता की समस्याओं के ऑन-द-स्पॉट निवारण के लिए ‘सहयोग शिविर’ की शुरुआत कर दी है। सारण (छपरा) जिले के सोनपुर स्थित डुमरी बुजुर्ग पंचायत में आयोजित पहले शिविर में मुख्यमंत्री ने न सिर्फ जनता की शिकायतें सुनीं, बल्कि अधिकारियों और डॉक्टरों को सख्त लहजे में चेतावनी भी दी। इस शिविर में पहले ही दिन आई सभी 67 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया।
​मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सभी मंत्री अपने-अपने प्रभार वाले जिलों के गांवों और पंचायतों में जाकर ऐसे शिविर लगाएंगे, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

​31वें दिन गिरेगी गाज, लापरवाही पर सीधे सस्पेंशन

​शिविर को संबोधित करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने नौकरशाही को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जनता के बहुमत से ही सरकार बनी है, इसलिए जनसमस्याओं को हल करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सहयोग शिविर में आने वाली शिकायतों को दूर करने के लिए अधिकारियों को अधिकतम 30 दिनों का समय मिलेगा। अगर 30 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया जाएगा। जो अफसर काम नहीं करेगा, उसे पद से हटा दिया जाएगा।

डॉक्टरों की मनमानी पर रोक

स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अक्सर जिला और अनुमंडल अस्पतालों के डॉक्टर मरीजों को इलाज के बजाय सीधे रेफर कर देते हैं। आगामी 15 अगस्त तक राज्य में ऐसी व्यवस्था लागू की जाएगी कि यदि किसी अस्पताल से मरीज को बेवजह रेफर किया गया, तो सीधे वहां के सिविल सर्जन (CS) पर सख्त एक्शन होगा। हालांकि, बेहद गंभीर मामलों में (सीरियस केस) नियमों में छूट रहेगी।

​सोनपुर को विकास की सौगात

​चुनावी वादे को याद दिलाते हुए सीएम ने कहा कि उन्होंने इस क्षेत्र को गोद लेने की बात कही थी, जिसे वे अब पूरा कर रहे हैं। इलाके में एयरपोर्ट और टाउनशिप का निर्माण हो रहा है, और अब बाबा हरिहरनाथ के नाम पर एक नई आधुनिक टाउनशिप विकसित की जाएगी। इसके अलावा, पटना के मरीन ड्राइव (गंगा पथ) की तर्ज पर छपरा में भी ‘गंगा-अंबिका पथ’ का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।