पटना। बिहार कांग्रेस अपनी संगठनात्मक जड़ों को मजबूत करने के लिए एक निर्णायक मोड़ पर है। आज राजधानी पटना स्थित कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय बैठक बुलाई गई है। इस बैठक की कमान बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम संभाल रहे हैं, जबकि बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु की उपस्थिति इस रणनीतिक चर्चा को विशेष महत्व दे रही है।

​जमीनी स्तर पर बदलाव की तैयारी

​इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश के सभी जिलाध्यक्षों, नियुक्त पर्यवेक्षकों (ओबजर्वर), कनेक्ट सेंटर के पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित किया गया है। बैठक का मुख्य एजेंडा ‘संगठन सृजन साथी अभियान’ की समीक्षा करना और इसे गति देना है। इस अभियान का स्पष्ट लक्ष्य कांग्रेस को केवल जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि सीधे बूथ स्तर तक सक्रिय और सशक्त बनाना है।

​155 जिला पर्यवेक्षकों की तैनाती

​अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए राजेश राम के निर्देश पर 53 सांगठनिक जिलों में 155 जिला ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं। इन पर्यवेक्षकों में कई अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है, जिन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन के विस्तार और कार्यकर्ताओं को जोड़ने की सीधी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

​डिजिटल ड्राइव और सख्त लक्ष्य

​पार्टी ने इस अभियान को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए ‘डिजिटल ड्राइव’ की शुरुआत की है। इच्छुक कार्यकर्ता BPCC ऐप के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए एक अनिवार्य शर्त रखी गई है: आवेदक किसी अन्य राजनीतिक दल का सदस्य नहीं होना चाहिए।

​पार्टी ने नेतृत्व के दावेदारों के लिए कड़े मानक तय किए हैं:

  • ​जिलाध्यक्ष: प्रत्येक जिलाध्यक्ष को कम से कम 2,000 सृजन साथी जोड़ने का लक्ष्य मिला है।
  • ​ब्लॉक अध्यक्ष: पद के दावेदारों के लिए न्यूनतम 200 सृजन साथी बनाना अनिवार्य है।

​यह बैठक आगामी चुनावों और सांगठनिक मजबूती के लिहाज से बिहार कांग्रेस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।