बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) द्वारा आयोजित दारोगा भर्ती मुख्य परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के मामलों की जांच अब आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के हाथों में आ गई है। इस बहुचर्चित मामले की गहराई से तहकीकात करने के लिए ईओयू ने एसपी (प्रशासन) राजेश कुमार के नेतृत्व में एक 8 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एजेंसी ने पूर्णिया और गयाजी में दर्ज मामलों को अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया है और अपराधियों तक पहुंचने के लिए आम जनता तथा अभ्यर्थियों से सक्रिय सहयोग की अपील की है।
डिजिटल साक्ष्यों और सबूतों की मांग
जांच को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए ईओयू ने एक आधिकारिक व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर और एक आधिकारिक ईमेल आईडी जारी की है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि दारोगा बहाली परीक्षा में गड़बड़ी, वायरल प्रश्नपत्र या सॉल्वर गिरोह से जुड़े किसी भी प्रकार के ठोस डिजिटल या दस्तावेजी सबूत रखने वाले लोग इन माध्यमों से अपने साक्ष्य साझा कर सकते हैं। साक्ष्य प्रदान करने वाले अभ्यर्थियों और नागरिकों की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी, ताकि वे बिना किसी डर के खुलकर सामने आ सकें।
वायरल बुकलेट और परीक्षा रिकॉर्ड की होगी फॉरेंसिक जांच
एसआईटी अब बीपीएसएससी से परीक्षा से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स को तलब करने की प्रक्रिया में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई प्रश्न-पुस्तिका सीरीज और विशेष बुकलेट नंबरों (22532773 तथा 22532780) के आवंटन का मिलान आयोग के रिकॉर्ड से किया जाएगा। इसके साथ ही, अभ्यर्थियों द्वारा उपलब्ध कराए गए संदिग्ध रोलकोड, परीक्षा केंद्रों के सिटिंग प्लान और केंद्रवार डेटा की सूक्ष्म स्क्रूटिनी की जाएगी। आयोग के गोपनीय परीक्षा वितरण चार्ट और इनवॉइस का मिलान फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर होगा।
अभ्यर्थियों की सीधी मुलाकात और फटी उत्तर पुस्तिकाओं का मामला
सोमवार को बड़ी संख्या में दारोगा अभ्यर्थी ईओयू के अधिकारियों से मिले और उन्हें धांधली से जुड़े दर्जनों अहम सबूत सौंपे। अभ्यर्थियों ने अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि खगौल स्थित एक परीक्षा केंद्र पर दो अभ्यर्थी अनुपस्थित थे, लेकिन इसके बावजूद उनकी उत्तर पुस्तिकाएं फटी हुई अवस्था में पाई गईं। पूर्णिया के साइबर थाने और गयाजी के रामपुर थाने की प्राथमिकियों को अपने अधीन लेने के बाद एसआईटी अब यह खंगाल रही है कि क्या पूर्णिया के स्टोररूम से अनुपस्थित छात्रों के प्रश्नपत्रों की तस्वीरें वायरल करने और गयाजी में सॉल्वर सिंडिकेट द्वारा वॉकी-टॉकी व व्हाट्सएप के जरिए नकल कराने के पीछे कोई आपसी कनेक्शन है।
प्रकरण का घटनाक्रम
- 27 मई 2026: 1,799 पदों के लिए मुख्य परीक्षा का आयोजन। पूर्णिया केंद्र से वीक्षक मृत्युंजय द्वारा प्रश्नपत्र की फोटो भेजना और गयाजी के रामपुर में परीक्षा माफिया आशुतोष की गिरफ्तारी।
- 28-29 मई 2026: सोशल मीडिया पर खाली ओएमआर शीट, प्रश्न-पुस्तिका और सिटिंग प्लान की तस्वीरें तेजी से वायरल हुईं।
- 01 जून 2026: पूर्णिया में वीक्षक मृत्युंजय कुमार और रिसीवर पप्पू कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज, आरोपी वीक्षक गिरफ्तार।
- 19 जून 2026: बीपीएसएससी द्वारा मुख्य परीक्षा के परिणाम की घोषणा और फिजिकल टेस्ट की तारीखों का निर्धारण।
- 03 अगस्त 2026: उच्च न्यायालय में याचिका दायर होने के बाद सुनवाई शुरू, अदालत ने गृह विभाग से मांगा जवाब।



