Bihar Floods: बिहार में हर समय बीतने के साथ ही नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा, गंडक, पुनपुन और सोन समेत कई नदियां उफान पर हैं। राजधानी पटना समेत 18 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। भागलपुर, खगड़िया, मुंगेर, कटिहार, सारण, वैशाली, समस्तीपुर के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों, सड़कों और सरकारी संस्थानों तक पहुंच गया है। वहीं, अलग-अलग जिलों में बाढ़ के पानी में डूबने से पांच लोगों की मौत भी हुई है।
पुनपुन नदी ने बढ़ाई पटना की टेंशन
नेपाल और तराई इलाके में हो रही बारिश का असर गंडक नदी के जलस्तर पर पड़ा है। नदी में पानी बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि गंगा के कुछ हिस्सों में जलस्तर में थोड़ी कमी आई है, लेकिन कई जगह अब भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। पुनपुन और सोन नदी के बढ़े पानी ने भी पटना समेत आसपास के इलाकों में चिंता बढ़ा दी है।
पानी में डूबने से 5 लोगों की मौत
बाढ़ के पानी में डूबने की अलग-अलग घटनाओं में सारण, वैशाली और खगड़िया में 5 लोगों की जान चली गई। सोनपुर में दो लोगों की डूबने से मौत हुई है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। वैशाली के राघोपुर में एक युवक और एक किशोर की पानी में डूबने से मौत हो गई। वहीं खगड़िया सदर प्रखंड के रहीमपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से 3 साल के एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। हादसों के बाद प्रशासन ने लोगों से पानी वाले इलाकों में जाने से बचने की अपील की है।
खगड़िया में अस्पताल और स्कूल प्रभावित
खगड़िया में बाढ़ का असर अब जरूरी सेवाओं पर भी पड़ने लगा है। गोगरी प्रखंड के 3 और परबत्ता के 5 सरकारी अस्पताल पानी से प्रभावित हुए हैं। कई स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के साथ बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ा है। प्रशासन के सामने प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के साथ जरूरी सेवाएं जारी रखने की चुनौती है।
समस्तीपुर में बांध टूटा, 45 स्कूलों में पढ़ाई बंद
समस्तीपुर के मोहनपुर प्रखंड के डुमरी में शनिवार देर रात बांध टूट गया। इसके बाद आसपास के इलाकों में तेजी से पानी फैलने लगा। बाढ़ के कारण जिले के 45 स्कूलों में पढ़ाई बंद है। कई ग्रामीण सड़कें भी पानी में डूब गई हैं। इससे लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पानी से प्रभावित स्कूलों में फिलहाल शैक्षणिक गतिविधियां रोक दी गई हैं।
भागलपुर में NH-80 पर दो फीट तक बह रहा पानी
भागलपुर में बाढ़ का असर मुख्य सड़क पर भी दिखाई दे रहा है। भवनाथपुर के पास NH-80 पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। पानी भरने के कारण भागलपुर-अकबरनगर मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है। सड़क पर पानी का बहाव होने के कारण वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को जलमग्न रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
मुंगेर में डायवर्जन बहा
मुंगेर के टेटिया बंबर प्रखंड में महाने नदी के तेज बहाव ने बरसंडा गांव के पास बने डायवर्जन को बहा दिया। इसके टूटने से थाना, अस्पताल और बाजार को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग बाधित हो गया है। सड़क संपर्क टूटने के कारण आसपास के ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए आने-जाने में दिक्कत हो रही है।
पटना में गंगा का जलस्तर घटा, लेकिन खतरा कायम
पटना में मनेर, दीघा और गांधी घाट के पास गंगा के जलस्तर में कुछ कमी दर्ज की गई है। इसके बावजूद जिले में बाढ़ का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। पुनपुन और सोन नदी के बढ़े जलस्तर का असर कई इलाकों में देखा जा रहा है। बिहटा-सरमेरा राष्ट्रीय पथ की एक लेन मिट्टी धंसने के कारण बंद करनी पड़ी है। वहीं मोकामा में NH-80 पर भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इससे सड़क यातायात पर असर पड़ा है।
लगातार बाढ़ की समीक्षा कर रहे हैं सीएम सम्राट
बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार बदल रही है। कुछ इलाकों में पानी कम हो रहा है, जबकि दूसरे क्षेत्रों में नए इलाकों तक पानी पहुंच रहा है। गंगा और गंडक के साथ पुनपुन और सोन के जलस्तर पर भी प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। वहीं, सीएम सम्राट चौधरी लगातार बाढ़ से प्रभावति जिलों का दौरा कर स्थानीय अधिकारियों को उचित निर्देश देते हुए नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही वे विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक भी कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें- Bihar Today Weather: 13 जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी, तेज हवाओं के साथ गिरेगी बिजली



