Weather news: बिहार के भीतर बाढ़ ने गंभीर और भयावह स्थिति अख्तियार कर ली है। राज्य के कुल 18 जिले इस वक्त जलप्रलय की चपेट में हैं, जिसके कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। बाढ़ के इस विकराल प्रकोप से अब तक 6.65 लाख से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव कार्य तेज करने के लिए प्रशासन द्वारा राज्यभर में 693 सरकारी नावों का परिचालन शुरू कर दिया गया है ताकि जलमग्न इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज यानी शनिवार को किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा और मधेपुरा में बारिश हो सकती है। इन जिलों में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली भी गिरने की आशंका है।
गंगा और पुनपुन का तांडव, पटना से भागलपुर तक बढ़ा खतरा
राजधानी पटना में भले ही गंगा के जलस्तर बढ़ने की रफ्तार में कुछ कमी दर्ज की गई हो, लेकिन स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। पिछले 24 घंटों के दौरान दीघा घाट पर 10 सेंटीमीटर, गांधी घाट पर 11 सेंटीमीटर और हाथीदह में 21 सेंटीमीटर पानी की वृद्धि दर्ज की गई है। इन तीनों प्रमुख गेज पॉइंट पर गंगा नदी लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके अलावा, पुनपुन नदी का पानी भी तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में इसके जलस्तर में 28 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है और श्रीपालपुर में यह लाल निशान से 2.57 मीटर ऊपर बह रही है।
भागलपुर जिले में गंगा नदी 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से ऊपर उठ रही है, जिससे राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर भारी दबाव बन गया है। पिछले 24 घंटों में यहां गंगा के जलस्तर में 46 सेंटीमीटर की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इतिहास में यह पहला मौका है जब भागलपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। इसके साथ ही कहलगांव में भी गंगा लाल निशान से 82 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
उत्तर बिहार की चार प्रमुख नदियां भी लाल निशान के पार
दक्षिण बिहार के साथ-साथ उत्तर बिहार की नदियां भी तबाही मचा रही हैं। उत्तर बिहार की चार बड़ी नदियां वर्तमान में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं:
- कोसी: खगड़िया के बलतारा में यह खतरे के निशान से 124 सेंटीमीटर और कटिहार के कुरसेला में 80 सेंटीमीटर ऊपर है।
- गंडक: गोपालगंज के डुमरिया घाट पर 75 सेंटीमीटर और हाजीपुर में 9 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
- बूढ़ी गंडक: खगड़िया में लाल निशान से 111 सेंटीमीटर ऊपर रिकॉर्ड की गई है।
- घघरा: सीवान के दरौली इलाके में यह 32 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
मौसम विभाग का अलर्ट: 9 सितंबर तक बारिश और वज्रपात की आशंका
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा और 9 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा। आज किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा और मधेपुरा में झमाझम बारिश होने के साथ-साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की भी आशंका जताई गई है। इसके अलावा, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण जिलों में अचानक मौसम करवट ले सकता है और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश व बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय वातावरण में अत्यधिक नमी मौजूद है। दिन के समय तापमान बढ़ने और इसी नमी के मिलने से स्थानीय स्तर पर बादल बहुत तेजी से विकसित हो रहे हैं। इस मौसमी परिघटना के कारण एक ही जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि ठीक उसके आसपास के इलाकों में केवल काले बादल छाए रह सकते हैं या उमस भरी गर्मी बनी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।



