बिहार में मौसम का मिजाज इन दिनों काफी विरोधाभासी बना हुआ है। जहां एक तरफ नेपाल के तराई क्षेत्रों और स्थानीय बारिश के चलते कई नदियां उफान पर हैं, वहीं दूसरी तरफ पूरे राज्य में समग्र रूप से मॉनसून अभी भी कमजोर बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) को लेकर अलर्ट जारी किया है।
बेगूसराय में बाढ़ की भीषण स्थिति, 50 हजार से अधिक लोग प्रभावित
नेपाल के तराई इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिहार की नदियों पर साफ दिखने लगा है। बेगूसराय जिले में मां गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है, जहां गंगा नदी खतरे के निशान से 83 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
- जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
- आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 50 हजार से अधिक आबादी बाढ़ के पानी से घिर चुकी है और उनका जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
- इस बीच, प्राकृतिक आपदा के चलते बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में एक व्यक्ति की जान जाने की भी दुखद खबर सामने आई है।


21 जिलों में बारिश का अलर्ट, पटना में उमस भरी गर्मी का दौर
राजधानी पटना की बात करें तो मंगलवार सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बारिश दर्ज की जा रही है। हालांकि, इस बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से खास राहत नहीं मिल पाई है।
- मौसम विभाग के अनुसार, आज बिहार के करीब 21 जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है।
- अधिकांश जिलों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
- आने वाले 48 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ-साथ वज्रपात की चेतावनी दी गई है, जिसे लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है।
बंगाल की खाड़ी का नया सिस्टम और मॉनसून का घाटा
मौसम में इस अचानक बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी के पास बना एक नया मौसमी सिस्टम है। गंगा से सटे पश्चिम बंगाल, उससे लगे झारखंड और उत्तरी ओडिशा के ऊपर एक मजबूत निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके साथ ही एक चक्रवाती परिसंचरण भी लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है, जिसके प्रभाव से बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं।
इसके बावजूद, पूरे सीजन की बात करें तो बिहार में मॉनसून अब भी काफी कमजोर चल रहा है। 25 अगस्त तक राज्य में सामान्य रूप से लगभग 732 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इसके मुकाबले अब तक केवल 425.4 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गई है, जो कि सामान्य से लगभग 42% कम है।


