CM Samrat Chaudhary: सम्राट सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था पहले से और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्य के 8 जिलों में नए और अत्याधुनिक थाना भवनों का निर्माण कराने का फैसला किया है। इसके लिए सरकार की ओर से प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है। इसकी जानकारी सीएम सम्राट चौधरी ने एक्स पोस्ट के जरिए भी दी है।

CM सम्राट ने एक्स पोस्ट के जरिए दी जानकारी

सीएम सम्राट चौधरी ने अपनी पोस्ट में लिखा- बिहार में कानून-व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम। राज्य के आठ जिलों में नए थाना भवनों के निर्माण हेतु कई महत्वपूर्ण योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

इनमें शामिल थाने एवं स्वीकृत राशि इस प्रकार है:

  • पटना (NTPC बाढ़ थाना) – करीब ₹8 करोड़ 75 लाख
  • पूर्णिया (मधुबनी थाना) – करीब ₹5 करोड़ 23 लाख
  • अररिया (पलासी थाना) – करीब ₹8 करोड़ 74 लाख
  • अररिया (सिकटी थाना) – करीब ₹8 करोड़ 72 लाख
  • मुंगेर (वासुदेवपुर थाना) – करीब ₹8 करोड़ 77 लाख
  • गोपालगंज (मीरगंज थाना) – करीब ₹8 करोड़ 72 लाख
  • भागलपुर (गोराडीह थाना) – करीब ₹8 करोड़ 85 लाख
  • भागलपुर (कहलगांव थाना)- करीब ₹8 करोड़ 65 लाख

आधुनिक सुविधाओं से युक्त इन थाना भवनों के निर्माण से पुलिस व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी तथा आम जनता को बेहतर सुरक्षा और सेवाएं प्राप्त होंगी।

पीएम मोदी की अपील पर लिए कई बड़े फैसले

इससे पहले सीएम सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी द्वारा किए गए डीजल, पेट्रोल की बचत के लिए वाहनों के कम से कम उपयोग करने की अपील को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

सीएम ने मुख्यमंत्री कारकेड में वाहनों की संख्या कम अथवा न्यूनतम करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा मंत्री, निगम बोर्ड के माननीय अध्यक्ष गण एवं सदस्य गण, सभी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से बिना अतिरिक्त वाहन के सार्वजनिक कार्यक्रमों में आने की अपील की गई है। वहीं, राज्य की जनता से भी मेट्रो, बस, ऑटो अथवा अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के प्रयोग पर जोर देने का आग्रह किया गया है।

सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’

सम्राट चौधरी ने राज्य सरकार के सभी विभागों को सभी प्रकार के कॉन्फ्रेंस अथवा सरकारी बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में संचालित होने वाले कैंटीन में पाम ऑयल के कम से कम प्रयोग का निर्देश दिया गया है। वहीं, सरकारी तथा निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है। इसके अलावा सप्ताह में एक दिन सभी लोगों से ‘नो व्हीकल डे’ के आयोजन का आग्रह किया गया है।

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