पटना। बिहार सरकार ने वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक बड़ा और साहसिक कदम उठाया है। राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को एक अत्यंत सख्त निर्देश जारी किया है। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य सरकारी खजाने पर पड़ने वाले अनावश्यक बोझ को कम करना, ईंधन की बचत करना और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देना है।

​फिजूलखर्ची रोकने को 6 सूत्रीय गाइडलाइन जारी

​राज्य सरकार ने सरकारी तंत्र में व्याप्त फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने के लिए निम्नलिखित 6 महत्वपूर्ण निर्देश लागू किए हैं:

  • ​विदेश यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध: सरकारी खजाने से होने वाली अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर अगले 6 महीनों तक के लिए पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह कदम सरकारी बजट को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
  • ​वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता: अब राज्य और जिला स्तरीय सभी समीक्षात्मक और समन्वय बैठकें भौतिक रूप से न होकर केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएंगी ताकि समय और धन दोनों की बचत हो सके।
  • ​कार पूलिंग प्रणाली अनिवार्य: ईंधन की खपत को कम करने के लिए अब उच्च अधिकारियों के लिए कार पूलिंग को अनिवार्य कर दिया गया है। एक ही रूट या गंतव्य पर जाने वाले अधिकारी अब अलग-अलग गाड़ियों के बजाय एक ही वाहन का साझा उपयोग करेंगे।
  • ​इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर: भविष्य में यदि नए वाहनों की आवश्यकता होती है तो प्राथमिकता केवल इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को दी जाएगी। यहां तक कि किराए पर ली जाने वाली गाड़ियों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को ही प्राथमिकता देने के निर्देश हैं।
  • ​ऊर्जा संरक्षण का सख्त पालन: कार्यालय समय के बाद बिजली की बर्बादी रोकने के लिए कार्यालयों में सेंट्रल स्विचिंग सिस्टम लगाया जाएगा। साथ ही सरकारी भवनों और अतिथि गृहों में पहले से स्थापित सोलर प्लांट का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
  • ​खर्च में कटौती की गारंटी: प्रत्येक निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (DDO) को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके कार्यालय में ईंधन और बिजली की खपत पिछले वर्ष के उसी महीने की तुलना में कम रहे।

​वित्तीय अनुशासन की दिशा में बड़ा कदम

​यह निर्देश न केवल राज्य के खजाने को बचाने में मदद करेंगे बल्कि सरकारी कामकाज में आधुनिक तकनीक (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और इलेक्ट्रिक वाहन) के उपयोग को भी बढ़ावा देंगे। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि अधिकारियों को अब सीमित संसाधनों के साथ कार्यकुशलता बढ़ानी होगी। इन आदेशों का कड़ाई से पालन कराने की जिम्मेदारी विभागवार अधिकारियों को सौंपी गई है।